नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र में विचरण कर रहे गौवंशो को तत्काल नजदीकी गो आश्रय स्थलों में कराया जायें संरक्षित- डा. वी के सिंह 

डीएम की अध्यक्षता में संपन्न हुई जनपद स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक 

  मेरठ । सोमवार को  विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी डा. वी.के. सिंह की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एंव समीक्षा समिति की बैठक  की गयी। डा. संदीप कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी द्वारा मुख्यतः बिन्दुओं पर चर्चा की गयी। जिसमें डीएम एवं सीडीओ  द्वारा निर्देशित किया गया कि नगर एंव ग्रामीण क्षेत्र में विचरण कर रहे गौवंशो को तत्काल नजदीकी गो आश्रय स्थलों में संरक्षित कराया जायें। 

डीएम ने  जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया गया कि जनपद के समस्त गो आश्रय स्थलों में संरक्षित गौवंश हेतु काऊ कोट बनाने हेतु 25000 बोरे तत्काल गो आश्रय स्थलों को उपलब्ध कराये जायें ताकि बोरे से स्वंय सहायता समूह के माध्यम से काऊ कोट बनाये जायें। खण्ड विकास अधिकारी/अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत/नगर पालिका विशेष रूचि लेकर उक्त कार्य को सम्पादित करायें। जिलाधिकारी द्वारा समस्त अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत/नगर पालिका एंव खण्ड विकास अधिकारी को निर्देशित किया गया कि किसी भी गौवंश की ठंड के कारण मृत्यु न होने पाये रात्रि में गो आश्रय स्थलों में अलाव जलाये जायें, बिजली पानी की पर्याप्त व्यवस्था समुचित मात्रा में उपलबध हों।

 डीएम  द्वारा कुछ गो आश्रय स्थलों में सी.सी.टी.वी. कैमरे न लगने पर नाराजगी व्यक्त की गयी। तथा सम्बन्धित को निर्देशित किया गया कि 3 दिवस के अन्दर समस्त गो आश्रय स्थलों में सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाये जायें तथा प्रत्येक गो आश्रय स्थल में कम से कम 6 सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाये जायें तथा उसका कन्ट्रोल रूम विकास भवन में स्थापित किया जायें ताकि मुख्य पशु चिकित्साधिकारी मेरठ एंव मुख्य विकास अधिकारी, मेरठ द्वारा स्वंय निगरानी की जा सकें। डीएम  द्वारा अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत/नगर पालिका- मवाना, खरखौदा, सिवालखास, खिवाई को निर्देशित किया गया कि निर्माणधीन कान्हा गौशालाओं को प्रत्येक दशा में 15 दिवस के अन्दर क्रियाशील कराया जायें।

डीएम  ने  यह भी निर्देशित किया गया कि शासनादेश 14 नवम्बर 2025 में निहित मानकों के अनुरूप ही गौवंश को भूसा, हरा चारा, साइलेज, संतुलित आहार खिलाया जायें। बैठक के अन्त में जिलाधिकारी महोदय एंव मुख्य विकास अधिकारी मेरठ द्वारा निर्देशित किया गया कि गौचर भूमि को उपजिलाधिकारी महोदय-सरधना/मवाना/सदर मेरठ से समन्वय स्थापित कर गोचर भूमि को टैग कर उसमें सोरगम, नैपियर ग्रास, हरा चारा का उत्पादन किया जायें। इस अवसर पर नूपुर गोयल मुख्य विकास अधिकारी, मेरठ, डा0 संदीप कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी मेरठ, जिला पूर्ति अधिकारी मेरठ, जिला पंचायत राज अधिकारी मेरठ, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत मेरठ एंव समस्त अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत/नगर पालिका एंव खण्ड विकास अधिकारियों/उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी/पशु चिकित्साधिकारी उपस्थित रहे।

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