कृषि विवि में सेना के जवान सीखेंगे मशरूम उत्पादन के गुर

मेरठ। सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में सोमवार को उद्यमिता विकास पर 21 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण की शुरुआत हुई। यह प्रशिक्षण खास तौर पर सेना के जवानों को खाद एवं औषधीय मशरूम उत्पादन तकनीक सिखाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।

कार्यक्रम का उद्घाटन कुलपति डॉ. केके सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि मशरूम उत्पादन कम लागत में अधिक लाभ देने वाला उभरता हुआ क्षेत्र है। बाजार में कई प्रजातियों की मशरूम उपलब्ध हैं, जिनकी डिमांड निरंतर बढ़ रही है। उन्होंने मशरूम की सही मार्केटिंग और एकीकृत उद्यमिता मॉडल की आवश्यकता पर जोर दिया। कुलसचिव प्रो. रामजी सिंह ने बताया कि मशरूम उत्पादन के लिए महंगे सेटअप की जरूरत नहीं होती। इसे झोपड़ी, कमरे या कम लागत वाली संरचनाओं में भी सफलतापूर्वक उगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा बायो-फोर्टीफाइड मशरूम, विशेषकर विटामिन-D युक्त प्रजातियों पर लगातार शोध किया जा रहा है। प्रशिक्षण के समन्वयक डॉ. गोपाल सिंह ने बताया कि इस 21 दिवसीय कार्यक्रम में सेना के 45 जवान प्रतिभाग कर रहे हैं। उन्हें विभिन्न प्रकार की मशरूम की खेती, उत्पादन तकनीक, रोग प्रबंधन, प्रसंस्करण व मार्केटिंग का प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे भविष्य में सफल मशरूम उत्पादक बन सकें। कार्यक्रम में डॉ. विवेक धामा, डॉ. कमल खिलाड़ी, डॉ. आरएस सेंगर, डॉ. प्रशांत मिश्रा, प्रो. रमेश यादव सहित कई वैज्ञानिक और विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

No comments:

Post a Comment

Popular Posts