20 हजार डालर  के ड्रोन को 40 लाख की मिसाइल से गिरा रहा अमेरिका

ईरान ने पूरा गड़बड़ा दिया डोनाल्ड ट्रंप का गणित 

 तेहरान,एंजेसी। अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ईरान का युद्ध अब इस बात पर टिका दिख रहा है कि किसके पास हथियार पहले खत्म होते हैं। ईरान लगातार ही खाड़ी देशों में स्थित अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर लगातार ड्रोन हमले कर रहा है। अमेरिका की पैट्रियट मिसाइलें इन ड्रोन को रोकने में काफी हद तक सफल रही हैं। लेकिन अमेरिका के लिए यह काफी महंगा सौदा साबित हो रहा है। इससे ट्रंप का गणित बिगड़ता दिखाई दे रहा है। 

 दरअसल ईरान के शहीद-136 जैसे आत्मघाती ड्रोन लगातार ही पूरे पश्चिम एशिया में निशानों को भेद रहे हैं। अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हवाई हमलों के बाद से इन ड्रोन ने अमेरिकी सैन्य अड्डों, सऊदी अरामको जैसी तेल कंपनियों और रिहायशी इलाकों तक को निशाना बनाया है।ईरान के इन ताबड़तोड़ हमलों ने बहरीन से लेकर संयुक्त अरब अमीरात तक खूब तबाही मचाई है।

अमेरिका की पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम इन ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में काफी हद तक सफल रही हैं। यूएई के मुताबिक, इंटरसेप्शन रेट 90 प्रतिशत से ज्यादा रहा है. लेकिन समस्या यह है कि 20 हजार डॉलर के ड्रोन को गिराने के लिए 40 लाख डॉलर की मिसाइल दागनी पड़ रही है। यही वह चुनौती है, जिसने पश्चिमी देशों को यूक्रेन युद्ध के समय से परेशान कर रखा है।

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