जाम से बिगड़ रहा एंबुलेंस का रिस्पांस टाइम 

रिस्पांस टाईम में मेरठ  मंडल में  बागपत पहले नम्बर तो बुलंदशहर दूसरे नम्बर पर 

छोटे शहरों के मुकाबले बड़े शहरों में मरीजों तक देर से पहुंच रही 

मेरठ । शहरों में बेलगाम यातायात और जाम ने इमरजेंसी सेवाओं की रफ्तार को थाम दिया है। पीड़ितों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता और कई बार जान का  जोखिम पैदा हो जाता है। छोटे शहरों के मुकाबले बड़े शहरों में स्थिति अधिक खराब है। 
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी 108 एंबुलेंस सेवा की जून 2024 की रिपोर्ट में मंडल में बागपत सबसे कम रिस्पांस टाइम के साथ पहले स्थान पर है। यहां का रिस्पांस टाइम सात मिनट है। दूसरे स्थान पर बुलंदशहर है, इसका रिस्पांस टाइम 7.54 मिनट सबसे ज्यादा बुलंदशहर है। मंडल में सबसे ज्यादा 8.16 मिनट रिस्पांस टाइम गाजियाबाद का है। गौतमबुद्धनगर का रिस्पांस टाइम 8.09 है। मेरठ का 8.08 मिनट और हापुड़ का रिस्पांस टाइम आठ मिनट है। पीएल शर्मा जिला अस्पताल के अधीक्षक डॉ. कौशलेंद्र सिंह का कहना है कि इमरजेंसी के समय मरीज का समय पर अस्पताल पहुंचना गोल्डन ऑवर माना जाता है।
कम इस्तेमाल हापुड़ में
रिपोर्ट के अनुसार मंडल में एंबुलेंस के लिए सबसे ज्यादा 9179 कॉल बुलंदशहर से की गई। सबसे कम 1917 कॉल हापुड़ से की गई। मंडल में सबसे ज्यादा एंबुलेंस सेवा का उपयोग बुलंदशहर में किया गया। यहां 8990 मरीजों ने एंबुलेंस सेवा ली। हापुड़ में सबसे कम 1359 मरीजों ने ये सेवा ली। गाजियाबाद में 3266 कॉल की गई और 3131 मरीजों को एंबुलेंस मिली। गौतमबुद्धनगर में 2938 कॉल आई और 2845 को एंबुलेंस मिली। बागपत में 3616 ने कॉल की और 3539 ने ये सेवा ली।जब कि मेरठ  में 7685 कॅाल आयी। जिसमें से 7443 को सेवा मिली। 
 परिवार नियोजन के नोडल अधिकारी डा कांति प्रसाद का कहना है।  मेरठ का मरीजाें तक एम्बूलेंस सेवा बेहतर है। लेकिन शहर में जाम की समस्या के कारण रेस्पांस टाईम में दिक्कत आ रही है। हापुड़  बागपत व बुलंदशहर में जाम की समस्या न होने के कारण रेस्पांस टाईम अच्छा निकल रहा है। 

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