दक्षिण कोरिया के वैलनेस फेस्टिवल में सुभारती विश्वविद्यालय ने बढ़ाया भारत का गौरव
मेरठ। दक्षिण कोरिया के यंगसुंग बुकतो प्रांत में वैलनेस फेस्टिवल में स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय ने प्रतिभाग किया। वैलनेस फेस्टिवल में विश्व के विभिन्न देश प्रतिभाग कर रहे है। इसी क्रम में स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए विश्वविद्यालय की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ शल्या राज के नेतृत्व में वैलनेस फेस्टिवल में शिरकत कर रहा है।
फेस्टिवल में सुभारती परफार्मिंग आर्ट विभागाध्यक्ष डॉ. भावना ग्रोवर एवं डॉ. तनुश्री ने शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। फेस्टिवल में नेचुरोपैथी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अभय शंकरगौड़ा, फाइन आर्ट कॉलेज के प्राचार्य डॉ.पिंटू मिश्रा, डॉ. सारिका, डॉ. धीरेन, डॉ. कमलेश, डॉ. नवनीत ने स्वास्थ्य एवं कला शिविर लगाया। जिसमें सुभारती विश्वविद्यालय द्वारा चिकित्सा एवं कला व संस्कृति के क्षेत्र में किये जा रहे कार्यो को प्रदर्शित किया गया। फाइन आर्ट कॉलेज के विद्यार्थियों ने परफार्मिंग आर्ट विभागाध्यक्ष डॉ. भावना ग्रोवर के नेतृत्व में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का प्रदर्शन किया। वहीं नेचुरोपैथी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अभय शंकरगौड़ा के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने योग प्रस्तुति से सभी को उत्तम स्वास्थ्य का संदेश दिया।
कार्यक्रम में एक दूसरे को समझने, ज्ञान एवं परंपराओं व संस्कृतियों को साझा करने हेतु स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय एवं दक्षिण कोरिया के मध्य समझौता ज्ञापन हुआ।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ.शल्या राज ने कहा कि यह बड़े गौरव की बात है कि भारतीयता को बढ़ाने वाले इस कार्य से हमारे आपसी सम्बंध प्रगाढ़ होंगे। उन्होंने कहा कि भारत कोरिया राजनयिक संबंधों के मधुर पचास वर्ष होने पर भविष्य में विकास व सांस्कृति आदान प्रदान कार्यक्रमों को प्रमुखता से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत में प्राचीन सभ्यता के प्रतीक तथागत गौतम बुद्ध है और उनके द्वारा पूरे संसार को शान्ति के साथ उन्नति करने एवं करुणा के साथ जीवन जीने की शिक्षा दी गई है। उन्होंने सभी को सुभारती विश्वविद्यालय की गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रणाली एवं बौद्ध धर्म को संरक्षित करने की दिशा में किये जा रहे कार्यो से रूबरू कराया। उन्होंने भारत दक्षिण कोरिया के मधुर संबंधों की कामना करते हुए शानदार आयोजन पर आभार व्यक्त किया।
सुभारती स्कूल ऑफ बुद्धिस्ट स्टडीज के सलाहकार डॉ. हिरो हितो ने कहा कि भारत एवं दक्षिण कोरिया के बीच पिछले पचास वर्षो से गहरे सम्बन्ध है। दोनों देश एक दूसरे के विकास हेतु प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे है। उन्होंने कहा कि इसी दिशा में सुभारती विश्वविद्यालय तथागत बुद्ध के आदर्शों को आत्मसात करते हुए मानव विकास एवं शान्ति हेतु कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि वियतनाम, म्यांमार श्रीलंका, भूटान, नेपाल, थाईलैंड, दक्षिण कोरिया आदि देशों के विद्यार्थी सुभारती बुद्धिस्ट स्टडीज में अध्ययन कर रहे है। उन्होंने बताया कि सुभारती विश्वविद्यालय परिसर में प्राचीन बोधि वृक्ष को विश्व बौद्ध संगठन एवं बौद्ध धर्म गुरुओं की मान्यता प्राप्त है, जिसके दर्शन हेतु विश्व भर से बौद्ध अनुयायी आते है।
इस अवसर पर लोकप्रिय अस्पताल के निदेशक डॉ.रोहित रविन्द्र, नेचुरोपैथी कॉलेज के प्राचार्य डॉ.अभय शंकरगौड़ा, फाइन आर्ट कॉलेज के प्राचार्य डॉ. पिंटू मिश्रा, परफार्मिंग आर्ट विभागाध्यक्ष डॉ. भावना ग्रोवर, डॉ. तनुश्री, डॉ. सारिका अभय, डॉ. धीरेन, डॉ. कमलेश, डॉ. नवनीत आदि सहित विश्वविद्यालय के विद्यार्थी उपस्थित रहे।


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