लोगों को मानसिक बीमारी के संकेतों और लक्षणों के बारे में शिक्षित किया जाए - डा विवेक
मेडिकल कॉलेज मेरठ में मनाया गया विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस
मेरठ। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर मानसिक रोग विभाग के तत्वावधान में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता प्रोफेसर डॉ विवेक कुमार विभागाध्यक्ष मानसिक रोग सुभारती मेडिकल कॉलेज मेरठ ने अपने संबोधन में इस वर्ष के थीम से मानसिक स्वास्थ्य एक सार्वभौमिक अधिकार है पर चर्चा करते हुए बताया कि समय की माँग है कि जागरूकता बढ़ाई जाए और लोगों को मानसिक बीमारी के संकेतों और लक्षणों के बारे में शिक्षित किया जाए।
मेडिकल कालेज के मीडिया प्रभारी डा वी डी पाण्डेय ने बताया कि कार्यक्रम के इस विषय पर केवल कामकाजी लोगों के बजाय सामान्य आबादी के साथ अधिक खुली बातचीत और संवाद की आवश्यकता है जो मानसिक बीमारी वाले लोगों के लिए अधिक समावेशी माहौल स्थापित करने में सहायता करेगा।
डा तरूण पाल विभागाध्यक्ष मानसिक रोग विभाग मेडिकल कालेज मेरठ ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य प्रोफेशनल्स को चाहिए कि वह मानसिक रोगी एवं उनके परिजनों को उपयुक्त सुने सूचना दे स्टिग्मा को दूर करें मानसिक स्वास्थ के बार में शिक्षित करें तथा स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा दे।
मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए मेंडिकल कालेज के प्रधानाचार्य प्रोफे डा आर सी गुप्ता ने बताया कि भारत में मानसिक रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की बहुत कमी है परन्तु खुशी की बात है कि विगत कुछ वर्षों से हमारे कालेज के मानसिक रोग विभाग ने इस कमी को दूर किया है एनएमसी /एमसीआई के मानकों के अनुरूप हमारे यहाँ पर्याप्त चिकित्सक एवं स्टाफ हैं। इस वर्ष से ही मानसिक रोग में एम डी साइकियाट्री कोर्स आरम्भ हो गया है।
इस अवसर पर प्रमुख अधीक्षक डॉ एस एस लाल प्रधानाचार्य नर्सिंग कॉलेज प्रोफेसर एस वालमणि बोस प्रोव विक्रम सिंह ने अपने विचार व्यक्त किये। डा नीलम राठी डॉ जीतेन्द्र सिंह डा प्रदीप यादव गौरव गुप्ता डॉ सीमा जैन आदि इस अवसर पर उपस्थित रहे। अजय कुमार सिंह जितेंद्र छाबड़ा ने कार्यक्रम का संचालन किया। डॉ विष्णु दत्त पांडेय डा विदित दीक्षित इत्यादि का सहयोग सराहनीय रहा।



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