यह हमारा दायित्व है कि हम इस आजादी को महफूज रखें-प्रो ़ संगीता शुक्ला 

स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष में आयोजित कार्यक्रम में देश के कुर्बानी देने वालों को याद किया गया 

मेरठ। आज की सुबह बेहद खास एवं ऐतिहासिक है क्योंकि आज ही के दिन 77 साल पहले देश की आजादी का सवेरा देखा हम सब खुद को गुलामी की जकड़न से आजाद होते देखा था लाल किले पर एक बार फिर लहराता हुआ तिरंगा देखा आज देश और दुनिया में फैले हुए सभी हिंदुस्तानी आजादी का पर्व मना रहे हैं एक पुण्य पड़ाव एक नई राह एक नए संकल्प और एक नए सामर्थ्य के साथ कदम बढ़ाने का यह शुभ अवसर है हम चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिवार की ओर से स्वतंत्रता संग्राम के उन सभी सेनानियों को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं जिन्होंने आजाद भारत के लिए अपना सब कुछ गवा दिया इस आजादी की कीमत उनसे पूछो जिन्होंने हर कदम पर पहरा देखा है और दिन में भी अंधेरा देखा है उन्होंने आजाद भारत का सपना खुद के लिए नहीं बल्कि हम लोगों की आने वाली पीढ़ी के लिए देखा था यह बात चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला ने स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कही।उन्होंने कहा कि यह हमारा दायित्व है कि हम इस आजादी को महफूज रखें।

उनके इस बलिदान को एक महान उत्सव और समारोह के रूप में हमें अपने दिलों में बसाना चाहिए। हम तीनों भारतीय सेनाओं के जवानों को भी नमन करते हैं जिन्होंने हमारी सरहदों की रक्षा करते हुए अपनी जान गवा दी थी आज का दिन उन शहीदों को याद करने का है जिनके कर्ज को तो हम कभी नहीं चुका पाएंगे लेकिन इतना जरूर है कि उनके द्वारा दिलाई गई आजादी को संभाल कर रख सकें 15 अगस्त का दिन हमें प्रेरणा देता है व्यक्तिगत विकास के संकुचित दायरे से बाहर आकर अपने कर्म को परिलक्षित कर वसुदेव कुटुंबकम कथन को सार्थक करें हम सभी को भारतीय होने पर गर्व होना चाहिए और अपने भाग्य की प्रशंसा करनी चाहिए कि हमने एक आजाद भारत में जन्म लिया है हमें अपनी सरकार चुनने और दुनिया में सबसे बड़ा लोकतंत्र का आनंद लेने का हमारे पास पूर्ण अधिकार है अतः हमें अपने देश को मजबूत और सशक्त बनाने का दृढ़ निश्चय करना चाहिए।


कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा हमारी विरासत पर हमें गर्व होना चाहिए जब हम अपनी धरती से जुड़ेंगे तभी तो ऊंचा उड़ेंगे जब हम ऊंचा उड़ेंगे तभी हम विश्व को भी समाधान दे पाएंगे देश के समग्र विकास में अपनी मेहनती भूमिका निभाने हेतु कृत संकल्प लें हम सभी ज्ञान दान के महान कार्य से जुड़े हैं और हमें निरंतर प्रयास करना चाहिए कि अपने छात्रों में विद्यमान प्रतिभा का पूर्ण विकास करने हेतु भागीरथी प्रयास करें ताकि यहां से शिक्षा प्राप्त कर हमारे ऊर्जावान विद्यार्थी देश एवं विदेश में अपने अर्जित ज्ञान का सही दिशा में प्रचार प्रसार कर सके तभी हमारा स्वतंत्रता दिवस मनाना सार्थक हो पाएगा कहा कि हमारे युवा शक्ति शिक्षा से अभिप्रेरित है। भारत के सर्वप्रथम राष्ट्रपति राधाकृष्णन जी ने कहा था कि शिक्षा का अंतिम उत्पाद एक मुक्त रचनात्मक मानव होना चाहिए जो ऐतिहासिक परिस्थितियों और प्राकृतिक आपदाओं के विरुद्ध लड़ाई लड़ सके युवा शक्ति की सकारात्मक ऊर्जा का उपयोग विज्ञान तकनीक शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में विकसित करना है तो हमारा देश विश्व गुरु ही नहीं अपितु विश्व का निर्माण करने वाला विश्वकर्मा के रूप में भी जाना जाएगा हम देश के कल्याण में अपना अहम योगदान दें भारतीय नागरिक के रूप में हर दिन हमें एक मजबूत शांतिपूर्ण और सक्रिय समुदाय का निर्माण करना है।

प्रोफेसर संगीता शुक्ला ने कहा कि मैं विश्वविद्यालय के उन सभी वरिष्ठ शिक्षक गणों अधिकारी एवं कर्मचारी बांधों का हार्दिक आभार व्यक्त करना चाहते हैं जिनके अथक प्रयासों से यह विश्वविद्यालय विकास के इस मुकाम पर पहुंचा जिसके फल स्वरुप विश्वविद्यालय को नेक ए प्लस प्लस ग्रेड प्राप्त हुआ हमारे विश्वविद्यालय द्वारा भारत के चार प्रमुख राजकीय विश्वविद्यालय में सर्वाधिक पेटेंट किए गए हैं कहां की स्वतंत्रता दिवस के इस पावन अवसर पर आप सब पुणे विश्वविद्यालय के शैक्षणिक इस तरह एवं प्रशासनिक प्रणाली को और अधिक उच्च स्तरीय बनाने में अपना अमूल्य सहयोग प्रदान करें तथा शोध और विकास की नई यात्रा शुरू करें आत्मविश्वास किसी भी युवा का सबसे बड़ा बल होता है और अपने विचारों को अगर सशक्त बनाया जाए और उन पर चर्चा कर जीवन में उन्हें अपनाया जाए तभी सफलता संभव है शिक्षा का सही अर्थ तभी सार्थक होगा जब हम हम सभी वर्तमान में युवाओं में विवेक का विस्तार कर सकें नए ज्ञान के लिए इच्छा जागृत कर पाए जीवन का अर्थ समझने के लिए उन्हें जागृत करें व्यावसायिक शिक्षा की व्यवस्था को देश में बढ़ावा देना उचित होगा राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने मातृभाषा में शिक्षा पर जोर दिया है शिक्षा ही है जो देश का भाग्य बदलने की ताकत रखती है सभी के सहयोग से विश्वविद्यालय विकास के नए सोपान प्राप्त कर रहा है। कहां की छात्र उच्च शिक्षा के इस अध्ययन काल में अपने मनोबल को बढ़ाने के लिए एकाग्रता एवं दृढ़ इच्छाशक्ति पर पूरा ध्यान दें अपने माता-पिता एवं हम सभी शिक्षक आपसे आशा लगाए हैं कि आप अपने लक्ष्य को शीघ्र ही प्राप्त करेंगे एवं विश्व विद्यालय का नाम रोशन करेंगे।

इस दौरान कुलपति ने पेटेंट कराने वाले शिक्षकों एवं शोध छात्रों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया इसके अलावा योग विज्ञान विभाग के छात्रों को तथा एनसीसी के कैडेटों को भी सम्मानित किया गया।अवसर पर कुलसचिव धीरेंद्र कुमार छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रोफेसर भूपेंद्र सिंह चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर वीरपाल सिंह प्रोफेसर संजीव शर्मा कार्य परिषद की सदस्य प्रोफ़ेसर वाई विमला, साहित्यिक सांस्कृतिक परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर विग्नेश कुमार समन्वयक प्रोफेसर नीलू जैन चीफ वार्डन प्रोफेसर दिनेश कुमार प्रोफेसर पवन कुमार शर्मा प्रोफेसर अतवीर सिंह प्रोफेसर अनुज कुमार प्रोफेसर अनिल मलिक प्रोफेसर जयमाला प्रोफेसर बिंदु शर्मा आदि मौजूद रहे।

No comments:

Post a Comment

Popular Posts