एपी हापुड ने रंगे हाथों अपने विभाग के पुलिस कर्मियों को ट्रक चालक से रंगे हाथों रिश्वत लेते दबोचा
हापुड़ । जनपद के एसपी ने विभाग में फैल रहे भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए बीडा उठा लिया है। इसी क्रम हापुड़ जनपद के पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने रिश्वत लेते दो सिपाहियों को रंगे हाथ पकड़ा।एसपी के आदेश पर दोनो सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
दरअसल एक ड्राइवर ने रोते-रोते ज़िले के पुलिस अधीक्षक को फ़ोन किया।पुलिस अधीक्षक ने ध्यान से उसकी बात की।ट्रक को पुलिस ने पकड़ लिया था और माल दूसरे ट्रक में उतारने के लिए एक लाख की रिश्वत मांग रहे थे। ड्राईवर रोते हुए बार-बार कह रहा था- ‘मैं ग़रीब आदमी हूं, एक लाख रुपये कहां से लाऊं?’एसपी को लगा कि इस दावे की पड़ताल करनी चाहिए। वो निजी गाड़ी से सादी कपड़ों में ड्राइवर से मिलने पहुंचे, पूरी बात सुनीं। दरअसल ड्राइवर का ट्रक रोड पर ख़राब हो गया था और पीछे से आती हुई बस उससे टकरा गई थी।
स्थानीय पुलिस चौकी के पुलिसकर्मियों ने ट्रक को पकड़ लिया और ड्राइवर को मुक़दमा लिखने की धमकी दी।ट्रक में कच्चा माल लदा था जो समय बीतने पर ख़राब हो सकता था। ड्राइवर माल को दूसरे ट्रक से ले जाने की ग़ुहार लगाता रहा लेकिन पुलिसकर्मियों ने एक लाख रुपये रिश्वत की मांग कर दी।ड्राइवर के पास पैसे नहीं थे, उसने कहीं से पुलिस अधीक्षक का सरकारी फ़ोन नंबर लिया और अपना दुखड़ा सुना दिया।एसपी को जब यक़ीन हो गया कि ड्राइवर सच बोल रहा है तो वो उसके साथ पुलिस चौकी चले गए।
वो बाहर से पूरा नज़ारा देख रहे थे। पुलिसकर्मी गौरव व यशवर ड्राईवर से रिश्वत मांग रहे थे। जैसे ही ड्राइवर ने पुलिसकर्मियों को दस हज़ार रुपये पकड़ाये, सादी वर्दी में बाहर खड़े एसपी अंदर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने उन्हें नहीं पहचाना।इसके बाद जिस थाने में ये पुलिसकर्मी तैनात थे, वहीं उनके ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार विरोधी क़ानून के तहत मुक़दमा दर्ज हुआ और उन्हें हवालात में डाल दिया गया।आमतौर पर ऐसा कम ही होता है कि पुलिस अधिकारी अपने ही विभाग के भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ ऐसी सख़्त कार्रवाई करें। शिकायत मिलने पर लाइन हाज़िर कर दिया जाता है। ऐसे मुक़दमे कम ही लिखे जाते हैं।एसपी की इस कार्रवाई से थाने के पुलिस कर्मियों में हडकंप मचा हुआ है।
बोले एसपी
अभिषेक वर्मा का कहना है कि, “जब उस ड्राइवर ने कॉल किया, वो बहुत रो रहा था. मुझे उसकी बातों में सच्चाई लगी और मैंने स्वयं ही उसकी तुरंत जांच की और जो सही थी वो कार्रवाई की.।



No comments:
Post a Comment