हस्तिनापुर में 15 से ज्यादा गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराया 

खादर क्षेत्र के 10 से अधिक गांवों से संपर्क टूटा

 मेरठ। पहाडों पर लगातार हो रही बरसात के कारण नदियों को पानी का स्तर तेजी से बढ रहा है। मेरठ के हस्तिनापुर में गंगा उफान पर है। 15 से ज्यादा गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। 6 से अधिक गांव ऐसे हैं जहां पिछले 20 दिनों से पानी नहीं उतरा। खादर क्षेत्र के 10 से अधिक गांवों से संपर्क टूट चुका है। इस बीच बाढ़ के 2 वीडियो सामने आए हैं। एक में, 2 मंजिला मकान पलक झपकते ही गंगा में समा गया। जबकि दूसरे में, 200 साल पुराना बरगद का पेड़ भी जड़ सहित उखड़कर गंगा में बह गया।



पानी के जलस्तर बढ़ने से गंगा के  किनारों पर तेजी से कटान जारी है। इसी कटान में किनारे पर बना एक मकान महज 10 सेकेंड में देखते-देखते बाढ़ में समा गया। इस दौरान यहां मौजूद कुछ युवकों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया।एक वीडियो में 200 साल पुराना बरगद का पेड़ देखते-देखते बाढ़ में बह गया। गंगा की तेज धारा 200 साल पुराने गहरे जमे पेड़ को जड़ सहित पूरा बहा ले गई। गनीमत रही कोई जान, माल की हानि नहीं हुई। लेकिन गांव के कुछ लोगों ने इसका वीडियो बना लिया।



बाढ़ के बीच स्कूलों में फहराया झंडा

 पानी न उतरने के चलते मंगलवार को स्कूलों में 15 अगस्त को शिक्षक घुटनों तक भरे पानी के बीच से गुजरकर झंडा फहराने पहुंचे। किसी तरह गांव में सरदार बिरादरी और शिक्षकों ने मिलकर स्कूलों की छतों पर तिरंगा फहराकर राष्ट्रगान गाया।



चारे, रोटी का खड़ा हुआ संकट

वहीं, गांवों में पशुओं के चारे और पानी की दिक्कत हो रही है। रोजमर्रा की जरूरी चीजों की दिक्कत है। लोग घरों में छतों पर कैद हो गए हैं। गांवों में नावें चल रही हैं। खेत में फसलें बर्बाद हो गई हैं। दर्जन भर गांवों से संपर्क कट गया है और केवल नाव ही लोगों का सहारा है। नदी का पानी लोगों के घरों तक पहुंच चुका है। प्रशासनिक टीम लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संपर्क बनाए है।



बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट

प्रशासन ने ताजा हालात को लेकर खादर क्षेत्र की बाढ़ चौकियों को अलर्ट मोड में रखा है। एसडीआरएफ को तैनात कर दिया गया है। पुलिस-प्रशासन लगातार पानी पर नजर रखे हुए है। एसडीएम मवाना अखिलेश यादव का कहना है कि नदियों किनारे बसे गांवों में अनाउसमेंट करके लोगों को बाढ़ से आगाह किया जा रहा। गंगा नदी से दूर रहने की अपील की जा रही।



3 लाख 88 हजार क्यूसेक रहा अधिकतम जलस्तर

बिजनौर बैराज से सोमवार की रात्रि खादर क्षेत्र की ओर अधिकतम 3 लाख 88 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। यह जलस्तर इस वर्ष का सबसे अधिक है। जिससे खादर क्षेत्र के हालत भयावह हो गए।

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