कुपोषण की रोकथाम के लिए शुरू हुआ अभियान ‘संभव 3.0’ 

मुजफ्फरनगर समेत पूरे सूबे में चार माह तक चलेगा पोषण अभियान 
500 दिन में विभिन्न गतिविधियों से संवारी जाएगी गर्भवती और शिशुओं की सेहत

मुजफ्फरनगर, 15 जून, 2023। 
गर्भवती व बच्चों के कुपोषण की रोकथाम के लिए जनपद में संभव 3.0 अभियान शुरू हुआ है। यह सितंबर तक चलाया जाएगा। इसके तहत 'पोषण के 500 दिन के रूप में विभिन्न गतिविधियां आयोजित होंगी। अभियान के तहत सभी विकास खंडों व नगरीय विकास परियोजना में जिले के 2274 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण व स्वास्थ्य से जुड़ी गतिविधियां होंगी। 
जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) राजेश गौंड ने बताया – वर्ष 2021 में “संभव -.0” अभियान एक नवाचार के रूप में प्रारंभ किया गया था, जिसमें विशेष रूप से सैम और मैम बच्चों का सही चिह्नांकन, उपचार, व सामुदायिक स्तर पर उनके प्रबंधन के साथ कुपोषण की रोकथाम के लिए व्यवहार परिवर्तन पर जोर दिया गया था। इस बार “संभव-3.0” चलाया जा रहा है, जिसके तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पहली तिमाही की गर्भवती का वजन व ऊंचाई मापेंगी। अगर वजन 45 किलोग्राम से कम है और ऊंचाई 145 सेमी से कम है, उस स्थिति में गर्भवती महिला कुपोषित मानी जाएगी। यदि उस महिला के एमसीपी कार्ड में हीमोग्लोबिन 11 ग्राम से कम है तो एनीमिक श्रेणी में चिन्हित किया जाएगा और फिर चिकित्सकीय प्रबंधन की व्यवस्था की जाएगी। 
डीपीओ ने बताया – दो पिछले वर्षों के अभियान की सफलता व परिणाम के आधार पर जून से सितंबर तक ‘सम्भव 3.0’ अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत बच्चों की नाम वार सूची गांव की आशा, एएनएम, ग्राम प्रधान व संबंधित कन्वर्जेंस विभागों के साथ साझा करेंगी। ऐसे बच्चों को स्वास्थ्य जांच के लिए ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (वीएचएसएनडी) पर लेकर आएंगी। जो बच्चे गंभीर होंगे, उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र अथवा ब्लॉक चिकित्सा इकाई पर भेजा जाएगा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि अभियान को तीन मुख्य मासिक थीम एवं साप्ताहिक थीम के रूप में विभाजित किया गया है। जून माह में गर्भवती और शिशु की जांच की जाएगी, सैम मैम बच्चों का चिन्हांकन किया जाएगा। जुलाई को स्तनपान प्रोत्साहन माह के रूप में मनाया जाएगा, जिसके अंतर्गत प्रत्येक सप्ताह स्तनपान से जुड़ी जन जागरूक गतिविधियां की जाएंगी। अगस्त को ऊपरी आहार माह के रूप में मनाया जाएगा। प्रत्येक सप्ताह ऊपरी और अर्ध ठोस आहार के बारे में जागरूक किया जाएगा।
पोषण चौपाल का होगा आयोजन 
अगस्त में ही पोषण चौपाल का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही सितंबर को पोषण माह के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें हर सप्ताह पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता व शिक्षा से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। सुपोषण दिवस का पोषण उत्सव व पोषण पंचायत का आयोजन होगा। अभियान की मासिक थीम पर विषय-विशेषज्ञों द्वारा आवश्यक परामर्श के लिए ‘पोषण पाठशाला’ का आयोजन भी किया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका मासिक थीम के आधार पर गृह भ्रमण कर समुदाय को जागरूक करेंगी। 
संभव अभियान के दौरान जिलावार सीएसआर ,गैर सरकारी संगठनों और अन्य संगठनों जो पोषण संबंधित गतिविधियां जैसे बाल, किशोरी और महिला पोषण ,आंगनबाड़ी का सौंदर्यीकरण, पोषण वाटिका, के निर्माण आदि में निवेश करने के इच्छुक है। उन संगठनों को सूचीबद्ध कराया जाएगा। इसके लिए जिलाधिकारी व सीडीओ के नेतृत्व में पोषण फोरम बनाया जाएगा। 
आईसीडीएस विभाग को बनाया नोडल
आईसीडीएस विभाग को इस अभियान का नोडल विभाग बनाया गया है। अभियान के सफलतापूर्वक संचालन में स्वास्थ्य विभाग, पंचायती राज विभाग, ग्राम्य विकास विभाग (मनरेगा व आजीविका मिशन), शिक्षा, खाद्य एवं रसद, पशुपालन, उद्यान एवं आयुष विभाग के साथ संस्थाएं भी समन्वयक स्थापित कर सहयोग करेंगी। इसमें स्वास्थ्य विभाग कुपोषित बच्चों की वीएचएनडी के माध्यम से जांच व आवश्यकतानुसार उपकेंद्र या एनआरसी भेजना सुनिश्चित करेंगे।
गर्भवती की प्रसव पूर्व जांच के साथ आयरन फोलिक एसिड, कैल्शियम एवं एल्बेंडाजोल की गोलियों का वितरण सुनिश्चित करेंगी। वहीं शिक्षा विभाग हर माह स्कूलों में पोषण परामर्श सत्र का आयोजन करेंगे। छात्र-छात्राओं को साप्ताहिक आयरन और छमाही एल्बेंडाजोल गोली खिलाएंगे।

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