जिले में हुआ एकीकृत निक्षय दिवस का आयोजन कस्तला - कासमाबाद में आयोजित शिविर में पहुंचे डीटीओ

सभी चिकित्सा इकाइयों पर जांच के लिए बलगम के नमूने लिए गए

हापुड़, 15 जून, 2023। जिले में बृहस्पतिवार को निक्षय दिवस का आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डा. सुनील कुमार त्यागी के निर्देशन में सभी चिकित्सा इकाइयों और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स (एचडब्ल्यूसी) पर लक्षण युक्त व्यक्तियों की टीबी जांच के लिए स्पुटम (बलगम के नमूने) लिए गए। क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) स्टाफ ने पर्यवेक्षण के साथ ही इस कार्य में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों का सहयोग भी किया। 
कस्तला-कासमाबाद गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय-एक में मैरिनो इंडस्ट्रीज द्वारा प्रायोजित श्री प्रेमचंद मेमोरियल ट्रस्ट और जिला क्षय रोग विभाग के संयुक्त प्रयास से आयोजित शिविर में पहुंचे डीटीओ डा. राजेश सिंह ने ग्रामीणों को टीबी, टीबी उन्मूलन कार्यक्रम और एकीकृत निक्षय दिवस के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त करने के उद्देश्य से एकीकृत निक्षय दिवस का आयोजन शुरू किया गया है, हर माह की 15 तारीख को इस कार्यक्रम के दौरान टीबी के बारे में जानकारी दी जाती है और लक्षण युक्त व्यक्तियों की बृहद स्तर पर जांच की जाती है। दूसरी ओर जिला पीपीएम समन्वयक सुशील चौधरी ने दस्तोई और दादरी एचडब्ल्यूसी का दौरा किया। 
कस्तला में डीटीओ डा. राजेश सिंह ने बताया - फेफड़ों की टीबी संक्रामक होती है, इसलिए लक्षण आते ही जांच कराएं। जांच में देरी रोगी के परिजनों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है, दरअसल फेफड़ों की टीबी हवा के जरिए फैलती है। रोग के खांसते या छींकते समय मुंह और नाक से निकलने वाली ड्रॉपलेट के जरिए टीबी का जीवाणु दूसरे व्यक्ति के श्वसन तंत्र में प्रवेश कर जाता है। जल्दी जांच और उपचार से रोगी अपने परिजनों का बचाव कर सकता है। उन्होंने बताया - जांच में टीबी की पुष्टि होने पर घबराने की नहीं बल्कि नियमित उपचार की जरूरत होती है। सरकार की ओर से टीबी के अच्छे उपचार की व्यवस्था की गई है, उपचार पूरा कर रोगी पूरी तरह ठीक हो जाता है।
शिविर के दौरान श्री प्रेमचंद मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से डा. पीएस अग्रवाल और डा. डीके अग्रवाल ने ग्रामीणों का चिकित्सकीय परीक्षण किया। कुल 218 ग्रामीणों ने शिविर का लाभ उठाया। लक्षण युक्त 24 व्यक्तियों का स्पुटम लिया गया और 15 को एक्स-रे के लिए भेजा गया। इसके अलावा 77 व्यक्तियों की ब्लड शुगर जांच की गई। ‌शिविर में ग्राम प्रधान प्रवीन तोमर, विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजीव त्यागी, डॉट्स प्रोवाइडर शैलेंद्र चौहान, पैरा मेडिकल स्टाफ विनोद कुमार, अनिल त्यागी, यासीन अली, ईश्वर चंद और सुहेल खान आदि का सक्रिय सहयोग रहा। बता दें कि मैरिनो इंडस्ट्रीज पांच माह से आउटरीच एरिया में जाकर एकीकृत निक्षय दिवस का आयोजन करती है। पांच माह के दौरान 1570 लोग चिकित्सा शिविर का लाभ उठा चुके हैं।

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