क्षय रोग को लेकर जागरूकता जरूरी, चिकित्सकों ने बताए टीबी के लक्षण
ग्रामीण समाज विकास केंद्र ने किया फ्रंटलाइन वर्कर्स के साथ ब्लॉक स्तरीय वर्कशाप का आयोजनमेरठ, 19 अगस्त 2022। देश को वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त बनाने के केन्द्र सरकार के संकल्प को साकार करने के लिए सामाजिक संस्था ग्रामीण समाज विकास केंद्र द्वारा ब्लॉक रजपुरा में लगातार कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भावनपुर पर ब्लॉक स्तरीय वर्कशॉप का आयोजन किया गया, जिसमें फ्रंटलाइन वर्कर्स(आशा कार्यकर्ताओं) को क्षय रोग तथा कोविड-19 के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी और टीबी मरीजों की खोज करने के लिए भी उनको प्रेरित किया गया। इसके साथ ही क्षय रोग तथा कोविड-19 के लक्षण, बचाव तथा उपचार के बारे में विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यशाला में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. रोहित वर्मा ने बताया कि प्रत्येक सरकारी अस्पताल में टीबी रोग की निशुल्क जांच एवं उपचार की व्यवस्था है। इस बीमारी से पीड़ित कोई भी रोगी सरकारी अस्पताल से लाभ ले सकता है। लगातार दो सप्ताह तक ज्यादा खांसी के साथ बलगम आए तो नजदीकी अस्पताल में बलगम की निशुल्क जांच कराकर इलाज कराया जा सकता है। उन्होंने बताया कि समय से क्षय रोग का इलाज हो जाने पर मरीज स्वस्थ हो जाता है, यदि समय से इस रोग के बारे में जानकारी नहीं मिल पाती है तो लापरवाही करने पर यह गंभीर हो सकता है। कार्यक्रम के कोऑर्डिनेटर व फील्ड मोबिलाइजर ने आशा कार्यकर्ताओं को टीबी के प्रति जागरूक किया और कहा कि टीबी एक ऐसी बीमारी है, जिसके प्रति लोगों को जागरूक होना बहुत जरूरी है। टीबी को खत्म करने के लिए कई उपचार पद्धतियों को भी खोजा गया है। टीबी एक संक्रामक बीमारी है। यह बीमारी एक प्रकार के माइक्रोबैक्टेरियम ट्यूबरयुक्लोसिस बैक्टीरिया (जीवाणु) के कारण होती है। टीबी अधिकतर फेफड़े पर ही असर करती है।
टीबी के लक्षण
- लगातार दो हफ्तों से खांसी का आना और आगे भी जारी रहना
- इस रोग में शाम को बुखार हो जाता है
- छाती (सीने) में दर्द की शिकायत भी होती है
- गले में गिल्टी या सूजन होना
- वज़न घटने लगता है
- सांस फूलने लगती है


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