सुभारती विधि संस्थान में व्याख्यान का आयोजन

मेरठ । सरदार पटेल सुभारती विधि संस्थान स्वामी विवेकानंद सुभारती विवि मेरठ द्वारा विधि के छात्र.छात्राओं के उज्जवल भविष्य हेतु एक व्याख्यान का आयोजन कैरियर इन लीगल एजुकेशन विषय पर विधि संस्थान के संकायाध्यक्ष प्रोण .डॉ.वैभव गोयल भारतीय के दिशा निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सुभारती लॉ कॉलेज की पुरातन छात्र एसोसिएशन की समन्वयक डॉ. रीना बिश्नोई द्वारा किया गया।
                    मुख्य वक्ता कर्नल राजेन्द्र सिंह ने सर्वप्रथम छात्र.छात्राओं को विधि क्षेत्र की उपाधियों की विषय में अवगत कराते हुए कहा कि बी एएलएलबी पूरा करने के बाद अपना पंजीकरण बार काउंसिल में करवाने के बाद देश के किसी भी अदालत में मुकदमों की पैरवी कर सकते है। मुकदमें का क्षेत्र क्रिमिनल, रेवेन्यू या सिविल कोई भी आपकी पंसद का हो सकता है। विधि के क्षेत्र में क्या क्या संभावना है, पर बोलते हुए कर्नल राजेन्द्र सिंह ने बताया कि आरम्भ में आप किसी वरिष्ठ वकील के जूनियर के रूप में अदालतों का व्यावहारिक काम सीख सकते हैं, एवं कुछ वर्षों के अनुभव के बाद आप स्वतंत्र रूप से प्रैक्टिस कर सकते है। उन्होंने कहा कि एलएलएम से इस क्षेत्र से अपनी विशेषज्ञता को और बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा अगर आप विधि के क्षेत्र अध्यापन करना चाहते है तो एलएलएम के बाद पीएचडी करके इस क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे सकते है।
उन्होंने कहा कि एडवोकेट के रूप में अदालतों में प्रैक्टिस करने के पारम्परिक विकल्प के अतिरिक्त  स्टेट कांउसलर गवर्नमेंट प्रॉसिक्यूटर बनने का विकल्प भी आपके पास होता है। इसके अतिरिक्त राज्य स्तर पर आयोजित होने वाली न्यायाधीश या मुंसिफ  परीक्षा को उत्तीर्ण कर जज भी बन सकते है। यदि आप अधिवक्ता के साथ साथ पर्यावरण प्रेमी भी है, तो एन्वॉयरमेन्ट लॉयर के रूप में अपनी प्रेक्टिस शुरू कर सकते है। इस समय देश में ऑनलाइन क्राइम और साइबर अपराध से जुड़े मामले भी सामने आने लगे हैं, जिनमें फ र्जी और धमकी भरे ई.मेल, धोखा धड़ी, सॉफ्टवेयर की चोरी, एसएमएस हैकिंग, मोबाइल क्लोनिंग आदि भी शामिल है। छात्रों को सम्बोंधित करते हुए कर्नल राजेन्द्र सिंह ने कहा कि यदि आप भारतीय सेना में अपनी सेवाएं देने के इच्छुक है तो जज एडवोकेट जनरल बनकर देश की सेवा कर सकते है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि इन दिनों फैंशन लॉ भी एक नए अवसर के रूप में सामने आ रहा है, क्योंकि फैंशन एवं लग्जरी कम्पनियों को भी अपने ब्राण्ड एवं ट्रेडमार्क की सुरक्षा के लिए अधिवक्ताओं की आवश्यकता होती है।कार्यक्रम में डॉ. प्रेम चन्द्र, आफरीन अल्मास, एना सिसौदिया, शिखा गुप्ता, प्राची गोयल जायसवाल, शालिनी गोयल, रवि सक्सेना आदि शिक्षकगण उपस्थित रहें।

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