धरना खत्म हुआ है आंदोलन नहींः राकेश टिकैत

 छह सितंबर को दिल्ली में बैठक
लखीमपुर खीरी।विभिन्न मांगों को लेकर चल रहा संयुक्त किसान मोर्चा का धरना शनिवार दोपहर तीन बजे किसान नेताओं द्वारा डीएम को ज्ञापन देने के बाद खत्म हो गया। इसके साथ ही किसानों की रवानगी शुरू हो गई। मंच से संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि धरना खत्म हुआ है, आंदोलन नहीं। जब तक मंत्री अजय मिश्र टेनी की बर्खास्तगी नहीं हो जाती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा की अगली बैठक छह सितंबर को दिल्ली में होगी।
टिकैत ने बताया की समझौता हुआ था कि मारे गए किसानों के परिजनों को सरकारी नौकरी के साथ ही मुआवजा व घायलों को भी मुआवजा की बात थी। इसके अलावा किसानों पर दर्ज मुकदमे की वापसी की बात कही गई थी, लेकिन 11 महीने बीतने के बाद कुछ नहीं हुआ।
वार्ता के बाद टिकैत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रशासन ने सीएम से बात करवाने को लेकर असमर्थता जताई है। साथ ही यह भी कहा कि तिकुनिया हिंसा के बाद किसानों और सरकार के बीच जो समझौता हुआ था, उसकी पूर्ति करने में वह सक्षम नहीं हैं। अधिकारियों ने अपने ऊपर के अधिकारियों से इस मामले में बात कराने के लिए आश्वासन दिया है।
भाकियू की प्रमुख मांगें
- लखीमपुर खीरी जिला के तिकुनियां में चार किसानों और एक पत्रकार की हत्या करने की साजश रचने के मामले में मंत्री अजय मिश्र टेनी को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए और गिरफ्तार करके जेल भेजा जाए।
- लखीमपुर खीरी हत्याकांड में 'निर्दोष होते हुए भी' जेल में बंद किसानों को तुरंत रिहा किया जाए और उनके ऊपर लगे केस तुरंत वापस लिए जाएं।
- सभी फसलों के ऊपर स्वामीनाथन कमीशन के द्वारा सी-2 +50% के फार्मूले से एमएसपी की गारंटी। एमएसपी पर गारंटी वाला कानून केंद्र सरकार द्वारा बनाया जाए।
- किसान आंदोलन के दौरान केंद्र शासित प्रदेशों व अन्य राज्यों में जो केस किसानों के ऊपर लाद दिए गए थे वो तुरंत वापस लिए जाएं।
- बिजली बिल-2022 वापस लिया जाए।
- भारत के सभी किसानों का एकमुश्त कर्ज मुक्त किया जाए।

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