नोएडा। नए साल के पहले दिन जम्मू-कश्मीर स्थित माता वैष्णो देवी भवन में भगदड़ मच गई। हादसे में 12 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। जबकि हादसे में 13 से ज्यादा लोग घायल हो गए। मरने वालों में एक शख्स गौतम बुध्द नगर  दादरी  का रहने वाला मोनू शर्मा है। उनकी मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया है। मोनू की मौत से उनके तीन बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया।
दादरी निवासी चालक मोनू शर्मा (32) की माता वैष्णो देवी के दर्शन के दौरान हुई भगदड़ में मौत की खबर मिलते ही दादरी नगर के मोहल्ला न्यादर गंज में मातम पसर गया. जम्मू के स्थानीय पुलिस-प्रशासन ने जेब से मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान की थी, इसके बाद कटरा से दादरी तहसील में सूचना दी गई। इसके बाद परिजन तहसील में पहुंच गए। तहसीलदार विवेकानंद मिश्रा का कहना है कि मोनू के शव को दादरी मंगाने के लिए कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही शव परिवार को सौंप दिया जाएगा। साथ ही, परिवार को भी आर्थिक मदद के लिए शासन को रिपोर्ट भेजने की तैयारी की जा रही है।
मोनू शर्मा हाल निवासी न्यादरगंज दादरी मूल निवासी भोले की झाल, मेरठ पिछले बीस साल से परिवार के साथ दादरी में रह रहे थे। वह टैक्सी चलाकर परिवार का पालन पोषण करते थे। परिवार में तीन बच्चे व पत्नी श्वेता है। एक साल पहले बड़े भाई हर गुलाल की मौत हो गई थी। भाई की पत्नी से ही मोनू का विवाह करा दिया गया था। हरगुलाल की चार व आठ वर्ष की दो लड़कियां और दस वर्ष का एक लड़का है। पिता और एक भाई गांव में रहते हैं। लोगों ने बताया कि मोनू ने पहले दादरी तहसील में लेखपाल की गाड़ी पर चालक के रूप में काम शुरू किया था। गाड़ी चलाने के साथ ही तहसील में भी छोटे-मोटे काम करता रहता था।
बीते तीस दिसंबर को वह अपनी कार लेकर नोएडा गए थे। वहां से एक जानकार के परिवार को उनकी कार से वैष्णो देवी लेकर गए थे। कटरा में उस परिवार को उनकी रिश्तेदारी में छोड़कर अकेले दर्शन करने के लिए वैष्णो देवी चले गए शनिवार सुबह मंदिर के पास हुई भगदड़ में कुचलने से उसकी मौत हो गई। शनिवार सुबह ढाई बजे के करीब पत्नी श्वेता से फोन पर मोनू की बात हुई थी। मोनू ने बताया था कि वह माता के भवन से दो किलोमीटर की दूरी पर है। सुबह होते ही ही पहुंच जाएंगे। उसके बाद दुखद घटना घट गई।


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