सरधना (मेरठ) रविवार को महर्षि दयानंद आर्ष कन्या गुरुकुल झिटकरी-भामोरी में मासिक सत्संग का आयोजन किया गया। प्रातःकाल आचार्या आदेश शास्त्री के सान्निध्य में गुरुकुल की ब्रह्मचारिणीयों ने सुंदर वेदपाठ करते हुए देवयज्ञ किया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए आदेश आचार्या ने कहा वेद ईश्वरीय ज्ञान है। यह ज्ञान सृष्टि के आरम्भ में मानवमात्र के कल्याण के लिए दिया गया। चारों वेद अद्भुत ज्ञान के भंडार है। वेद वैदिक विज्ञान, राष्ट्रधर्म, समाज-व्यवस्था, पारिवारिक- जीवन, वर्णाश्रम-धर्म, सत्य, प्रेम, अहिंसा, त्याग आदि को दर्पण की भांति दिखाता है। इस अवसर पर भारत भूषण सम्मानित वैदिक विद्वान डॉ कपिल आचार्य ने कहा वैदिक संस्कृति का मूलाधार है वेद। सरधना विधायक संगीत सोम ने कहा कि वेद ही मनुष्य को धर्म की शिक्षा प्रदान करते हैं। मनुष्य को वेद विहित कर्म करते हुए यज्ञ, स्वाध्याय और ब्रह्म विद्या के प्रचार प्रसार के लिए दान आदि महनीय कर्म करते हुए धार्मिक बनना चाहिए। सरधना से श्रीमती कुसुम आर्या यज्ञ की यजमान रही। इस अवसर बालिकाओं ने बहुत सुंदर प्रभु भक्ति और राष्ट्रभक्ति के गीत प्रस्तुत किये। सत्संग में स्वामी योगमुनि, अशोक सिरोही प्रधान, कर्मराम, मदनपाल आर्य झिटकरी, मास्टर सुरेंद्र व यशपाल आर्य छुर, विजयपाल आर्य सलावा, राकेश आर्य कुशावली, शारदा माता, ईश्वर नम्बरदार भामोरी, विद्यासागर आर्य,  राजेन्द्र आर्य सरधना, हर्ष मलिक गाजियाबाद, महिमा आर्या बड़ौत, सुषमा आर्या, राजेश्वरी आर्या, सहित क्षेत्र के अनेक श्रद्धालु और गुरुकुल के सहयोगीजन उपस्थित रहे।


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