हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद कर पुलिस ने दो आरोपियों को भेजा जेल - दीपावली के आसपास मामूली बात कर लेकर हुआ था विवाद हत्यारोपी तभी से रख रहे थे रंजिश - सरधना से साजिद कुरैशी की रिपोर्ट--- सरधना (मेरठ) थाना सरधना क्षेत्र के अटेरना गांव से लापता दीपक की हत्या के मामले में रविवार को पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू, साइकिल, मोबाइल, बरामद करने के साथ दो हत्यारोपियों को जेल भेज दिया है। मामूली विवाद के बाद रंजिश रखते हुए दीपक की हत्या करने की बात सामने आई है। बता दें कि 29 नवंबर 2021की शाम को अटेरना गांव निवासी 22 वर्षीय दीपक पुत्र धन्नी अचानक लापता हो गया था। परिजन कई दिनों तक उसकी तलाश करते रहे लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। 6 दिसंबर को गांव के बाहरी छोर पर कुछ बिखरा हुआ खून मिला। वहीं पर मिली दीपक की चप्पलों को घरवालों ने पहचान लिया था। इसके बाद गांव के 3 युवकों सूर्या, जितेंद्र व यादराम पर हत्या का शक जाहिर करते हुए समय सिंह पुत्र कर्ण सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस की जांच आगे बढ़ी और संदिग्धों की सीडीआर निकाली गई जिसके बाद मामला खुलासे के करीब पहुंचा। इस मामले का मुख्य आरोपी एक बड़े अखबार के स्थानीय संवाद सूत्र अशोक सोम का बेटा सूर्या रहा। ग्रामीणों ने मामले का खुलासा करने को लेकर गत शनिवार को गांव के निकट चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग पर जाम लगाकर हंगामा किया था और आरोप लगाया था की पत्रकार अशोक सोम, लगातार अपने बेटे सूर्य और सूर्यकांत सोम को बचाने का प्रयास कर रहा है और अपने साथी पत्रकारों को लेकर पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश में लगा हुआ है। इसके अलावा उसपर भ्रमित खबरें छाप कर शव को आगे बह जाने में सहयोग करने का भी आरोप लगाया था। जाम की सूचना पर पहुंचे इंस्पेक्टर क्राइम शिव प्रकाश सिंह ने आश्वासन दिया था कि अगले 24 घंटे में मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जाएगा। जिनके आश्वासन के ग्रामीणों ने जाम खोला था। वहीं पुलिस ने गंगनहर में लापता दीपक के शव की तलाश शुरू कर दी थी। जिसके लिए एनडीआरएफ की टीम नाव लेकर नहर में शव की तलाश में जुट गई है। रविवार को क्राइम इंस्पेक्टर शिव प्रकाश सिंह ने प्रेस नोट के माध्यम से घटना के खुलासे की जानकारी मीडिया कर्मियों को दी। क्राइम इंस्पेक्टर शिव प्रकाश सिंह ने बताया कि पूछताछ के दौरान जितेंद्र उर्फ जीतन पुत्र राजेंद्र ने बताया कि उसका भाई राम कुमार गांव में परचून की दुकान करता है। दीपावली के आसपास दीपक दुकान से कुछ सामान खरीदने गया था उसी समय दीपक और रामकुमार के बीच कहासुनी हो गई थी जिसके बाद दीपक ने रामकुमार पर लाठी से हमला किया था बीच में आई उसकी मां चंद्र वती को भी दीपक ने डंडा मारकर घायल कर दिया था तभी से उसकी मां लंगड़ा कर चलती है जब भी वह अपनी मां को इस हालत में देखता था तो उसे दीपक पर गुस्सा आता था इसी बीच उसने दीपक को मारने का प्रोग्राम बना लिया उधर सूर्या सोम ने बताया कि दीपक अक्सर उसे काना, काला, आदि कहकर छेड़ता था। जिसका उसने कई बार विरोध किया लेकिन दीपक ऐसा करने से बाज नहीं आया तब उसने भी दीपक को मारने की सोच ली थी। कुछ दिन पहले दीपक चरणजीत रखने वाले जितेंद्र उर्फ जीतन और सूर्या आपस में मिले और दीपक को मारने का प्रोग्राम सेट कर लिया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि 29 नवंबर की शाम सूर्या दीपक को अपने साथ गांव के बारिश और पर ले गया और दोनों ने बैठकर शराब पी इस दौरान सूर्या ने शराब में नशे की गोली डालकर दीपक को पिला दी जब दीपक पूरी तरह बेहोश हो गया तब सूर्या ने फोन करके जितेंद्र उर्फ जित्तन को भी बुला लिया। जितेंद्र अपने साथ में चाकू लेकर आया और साइकिल पर सवार होकर आया । जिसके बाद जितेंद्र और सूर्या दोनों ने मिलकर दीपक की चाकू से गला रेत कर हत्या कर दी और उसे उठाकर गांव के निकट से गुजर रही गंग नहर में फेंक दिया। क्राइम इंस्पेक्टर शिव प्रकाश सिंह ने बताया कि जितेंद्र और सूर्य और सूर्यकांत सोम की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू, साइकल, दो मोबाइल, खून में सने कपड़े, बरामद किए गए हैं । पूछताछ के बाद दोनों को मुकदमा अपराध संख्या 0820/ 2021 धारा 302, 20, 364, 34 के तहत कोर्ट में पेश किया गया। जहां से दोनों जेल भेज दिया गया है। पुलिस दीपक और एनडीआरएफ की टीम दीपक के शव की तलाश में गंग नहर को खंगाल रही है समाचार लिखे जाने तक दीपक का शव नहीं मिल सका था।
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