कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्प अर्पण करके किया गया।इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अलका चौधरी जी अपने उद्बोधन में सभी अतिथि गण का स्वागत करते हुए बताया कि दीपावली दीपों का उत्सव है और आज यह उत्सव समस्त कनोहर लाल परिवार मिलकर मना रहा है। वर्तमान पीढ़ी आधुनिकता की दौड़ में अपने त्योहारों की मूल जड़ों एवं मूल भावनाओं एवं परंपराओं से दूर होती जा रही है, ऐसे में एक शिक्षक का कर्तव्य यह भी है कि वह ज्ञान के प्रकाश के साथ-साथ भारतीय परंपराओं का भी संवर्धन करें क्योंकि शिक्षा का ज्ञान ही वह प्रकाश है जो वास्तव में तमस को दूर करते हुए मनुष्य को आगे ले जाता है। शिक्षक नई पीढ़ी के निर्माण करता है और यह नई पीढ़ी ही देश का भविष्य एवम राष्ट्र निर्माता है।
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