झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करने के लिए डीएलएड और बीएड पास अभ्यर्थियों ने झारखंड हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। झारखंड में पिछले 5 साल से जेटेट परीक्षा का आयोजन नहीं हुआ है। जिससे लाखों शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थी प्रभावित हैं। डीएलएड-बीएड पास अभ्यर्थियों के नेतृत्वकर्ता महिपाल महतो ने कहा कि डीएलएड और बीएड पास अभ्यर्थी इतने लंबे समय से टेट का आयोजन नहीं होने से बेरोजगार पड़े हैं।
प्राइवेट स्कूलों में नही मिल रहा मौका
अभ्यार्थियों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने का मौका भी नहीं मिल पा रहा है। इससे पूर्व जेटेट परीक्षा के आयोजन व सरकार का ध्यान आकृष्ट कराने को लेकर दो बार विधानसभा के समक्ष धरना प्रदर्शन, 53 विधायकों को ज्ञापन, कई मंत्री, शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री और राज्यपाल समेत आला अधिकारियों को मांग पत्र सौंपा जा चुका है। इसके बावजूद राज्य सरकार अभी तक टेट परीक्षा का आयोजन नहीं करा पायी है।
ये है एनसीटीई गाइडलाइन
एनसीटीई गाइडलाइन के तहत प्रत्येक वर्ष कम से कम एक टेट परीक्षा का आयोजन करना चाहिए था। इसके विपरीत राज्य सरकार नजरअंदाज करते हुए आए दिन लगातार शिक्षक नियुक्ति की बातें करती आ रही है लेकिन परीक्षा नही करवाती। ऐसे में इतने लंबे समय से टेट परीक्षा नहीं होने से पूरे राज्य भर के अभ्यर्थियों में आक्रोश व्याप्त है। सभी को अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है कि नियुक्ति पूर्व नए टेट का आयोजन किए बिना ही शिक्षक नियुक्ति की जाती है तो डिग्री किस काम की रहेगी। इस मामले को लेकर निराश हताश अभ्यर्थी योगेंद्र महतो और अश्विन कुल्लू ने अपने अधिवक्ता के जरिए रांची हाईकोर्ट में याचिका दायर कर जेटेट परीक्षा आयोजित करने की अपील की है, ताकि 2016 के बाद शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों को भी आगामी शिक्षक बहाली प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिल सके।

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