धार्मिक कट्टरता के खिलाफ चलेगा राष्ट्रव्यापी अभियान
धर्मिक कट्टरता राष्ट्र को खोखला कर रहीः डा. मुईन अहमद लखनऊ। लखनऊ में मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड आफ इंडिया की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यसमिति की सोमवार से शुरू हुई बैठक में धार्मिक कट्टरता के विरुद्ध राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान चलाने और केंद्रीय वक्फ एक्ट में संशोधन सहित कई मसलों पर चर्चा हुई। सूफीवादी विचारधारा को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की वर्तमान हालात में जरूरत को ध्यान में रखते हुए उसकी मजबूती के लिए काम करने के प्रस्ताव पारित किए गए। मंगलवार को बैठक का समापन होगा। बोर्ड के राष्ट्रीय महासचिव डा. मुईन अहमद ने कहा कि धर्मिक कट्टरता समाज और राष्ट्र को खोखला कर रही है। सूफीवादी विचारधारा के सूफी संतों की अगुवाई में परास्त कर देश में सद्भाव का वातावरण स्थपित करना हमारी पहली प्राथमिकता है। चारबाग के एक होटल में आयोजित बैठक में रखे गए प्रस्ताव पर कहा गया है कि वर्तमान वक्फ एक्ट में केंद्र सरकार को संशोधन करना चाहिए, जिससे सूफीवादी विचारधारा के धर्मस्थलों, मस्जिदों, दरगाहों, खानकाहों की सुरक्षा के साथ विचारधारा सुरक्षित हो और कट्टरता को हराना आसान हो। बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना कारी यूसुफ अज़ीज़ी की अध्यक्षता और रियाजुद्दीन कादरी के संचालन में आयोजित बैठक में बैठक में कर्नाटक के मौलाना तनवीर हाशमी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सूफी साजिद हुसैन अजमेरी, आल इंडिया आइम्मा मसाजिद के अध्यक्ष हाफिद मुहम्मद अली कादरी, आंध्रप्रदेश के अध्यक्ष सूफी अल्ताफ रजा, राजस्थान के अध्यक्ष मुफ़्ती शमीम, मौलाना जाहिद रज़ा रज़वी उत्तराखंड के पूर्व विधायक नसीम अहमद, गुजरात के कारी मुबारक हुसैन , बिहार के मौलाना मुहम्मद रज़ा अमजद ,कर्नाटक के मुफ़्ती मुहम्मद अलीकादरी , दिल्ली के मौलाना मुहम्मद बख्तियार हुसैन , हरियाणा के अमीर हमजा रिज़वी , राजस्थान के कारी चिरगुद्दीन, छत्तीशगंढ के डा. जहीरुद्दीन रिज़वी के अलावा मुहम्मद आमिर सिद्दीकी, शफीक अहमद, सैय्यद मेहंदी, हाजी खलील फरीदी सहित कई लोग शामिल हुए। प्रवक्ता रियाजुद्दीन ने बताया कि 24 को बैठक का समापन होगा।
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