मुश्किल समय में अपने काम नहीं आते।
मुसीबतों  से बचाने  फ़रिश्ते नहीं  आते।

जब  खड़ा हो  बगल  में तलवार सा फिर
सीना  तान  कर  सामने  कोई  नहीं आते।

स्कूल में मास्टर जी  की  डांट से बचाने
गलतियों पर पर्दा ड़ालने कोई  नहीं आते।



भाई  की तरह  है मेरा दोस्त  मेरे रोने पर
आँसु को  पोछने कोई  रुमाल  नहीं आते।

हर कदम पर मेरी  ताक़त  है  दोस्त साथ
चल कर  हौसला  बढ़ाने कोई नहीं आते।

उदासी  भरा  चेहरा देख कर  चुट- कुले
सुनाकर हमें हँसाने और कोई नहीं आते।

में हूँ ना तेरे साथ ऐसा बोलकर नीक दिल
जीतने  वाले  कोई रिश्तेदार  नहीं आते।

सुख में  पीछे दुःख में  मेरी  आगे रहकर
दर्द पर मरहम लगाने ऐसे कोई नहीं आते।
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- नीक राजपूत

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