मेरठ। खाद की कालाबाजारी की वजह से इस बार किसानों को काफी परेशान होना पड़ा। मुख्य सचिव देवेंद्र चतुर्वेदी ने गोष्ठी में बिना पॉस मशीन से खाद वितरण पर रोक लगाने की बात कही। उनके आदेश पर अमल करना शुरू कर दिया गया है।
अब बिना पॉस मशीन के उर्वरक बेचने वालों पर कार्रवाई होगी। अपर मुख्य सचिव देवेंद्र चतुर्वेदी ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि उर्वरक में गड़बड़ी रोकना जिला प्रशासन व जिला कृषि अधिकारी की जिम्मेदारी होगी। इसके लिए उर्वरक केंद्रों पर बिना पॉस मशीन के खाद किसानों को नहीं दिया जाएगा। पॉस से ही खाद की गड़बड़ी को रोका जा सकता है। बिना पॉस मशीन के खाद बिक्री पर एफआइआर के आदेश दिए गए हैं।
पॉस मशीन पीओएस.प्वाइंट आफ सेल्स में जितना उर्वरक दर्ज होगा,उसी हिसाब से किसानों का अंगूठा लगाने के बाद खाद दिया जाएगा। पॉस मशीन की आइडी होती है। कंपनी होल सेलर को आइडी के अनुसार उर्वरक का स्टॉक फीड करती है जो पॉस मशीन में दिखाई देता है। होल सेलर से जब रिटेलर खाद खरीदेगा तो वह भी आइडी के जरिए फीड करके देगा जितना खाद फीड करेगा वह रिटेलर की पॉस मशीन में दर्शाएगा। अभी तक रिटेलर बिना पॉस मशीन के किसानों को खाद बेच देते थे जिससे गड़बड़ी हो रही थी और खाद की किल्लत भी पैदा हो गई थी। जिला कृषि अधिकारी प्रमोद सिरोही ने बताया कि गोष्ठी में अपर मुख्य सचिव के आदेश सभी निजी व सहकारी समितियों को जारी किए जाएंगे।

No comments:

Post a Comment

Popular Posts