आईआईटी-दिल्ली के छात्रों ने करीब से समझी नमो भारत की इंजीनियरिंग, निर्माण से संचालन तक की तकनीकें
एनसीआरटीसी ने कराया दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर का तकनीकी भ्रमण, ओसीसी में देखी ट्रेन परिचालन की कार्यप्रणाली; 'अपरिमित' में वीआर और एआर तकनीकों का लिया अनुभव
मेरठ। देश की पहली नमो भारत परियोजना अब इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों के लिए भी अध्ययन का महत्वपूर्ण केंद्र बन रही है। इसी कड़ी में एनसीआरटीसी ने आईआईटी-दिल्ली के सिविल इंजीनियरिंग के छात्रों के लिए दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का विशेष तकनीकी भ्रमण आयोजित किया। इस दौरान विद्यार्थियों को विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना के निर्माण, आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों, परिचालन व्यवस्था और शहरी क्षेत्रों में निर्माण के दौरान आने वाली चुनौतियों की व्यावहारिक जानकारी दी गई।
सराय काले खां स्टेशन से शुरू हुआ तकनीकी सफर
भ्रमण की शुरुआत सराय काले खां नमो भारत स्टेशन से हुई। यहां छात्रों ने मल्टी-मोडल इंटीग्रेशन (एमएमआई) की व्यवस्था को करीब से देखा। उन्हें बताया गया कि किस तरह यह स्टेशन मेट्रो, वीर हकीकत राय आईएसबीटी, रिंग रोड और ट्रैवलेटर युक्त समर्पित फुट ओवरब्रिज के माध्यम से हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से जुड़ता है।
इसके बाद छात्रों ने नमो भारत ट्रेन से दुहाई स्टेशन तक यात्रा की और ट्रेन में उपलब्ध यात्री सुविधाओं का अनुभव किया। इस दौरान मेरठ में नमो भारत के बुनियादी ढांचे पर संचालित हो रही स्थानीय मेट्रो सेवाओं की तकनीकी व्यवस्था के बारे में भी जानकारी दी गई।
घनी आबादी के बीच निर्माण की चुनौतियों को समझा
दुहाई स्थित नमो भारत डिपो में आयोजित विशेष तकनीकी सत्र में विद्यार्थियों को दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में कॉरिडोर निर्माण की चुनौतियों से रूबरू कराया गया। उन्हें बताया गया कि मौजूदा इमारतों और अन्य बुनियादी ढांचों के आसपास निर्माण कार्य को सुरक्षित और निर्धारित समय में पूरा करने के लिए किस तरह आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया।
एनसीआरटीसी के अधिकारियों ने सटीक योजना, उन्नत इंजीनियरिंग, डिजाइन में आवश्यक बदलाव और लगातार स्ट्रक्चरल मॉनिटरिंग की भूमिका समझाई। साथ ही बताया कि इन उपायों के जरिए जटिल शहरी परिस्थितियों के बावजूद परियोजना को निर्धारित समय और बजट के भीतर पूरा करने में सफलता मिली। छात्रों ने तकनीकी पहलुओं पर सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाएं भी शांत कीं।
ओसीसी में देखा ट्रेनों के संचालन का पूरा सिस्टम
विद्यार्थियों को ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर (ओसीसी) का भ्रमण भी कराया गया। यहां उन्होंने जाना कि किस तरह एक ही केंद्र से नमो भारत ट्रेनों की आवाजाही और परिचालन से जुड़ी महत्वपूर्ण गतिविधियों की निगरानी एवं नियंत्रण किया जाता है। प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर से लेकर ट्रेनों के संचालन तक की रियल टाइम कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई।
'अपरिमित' में आधुनिक तकनीकों का अनुभव
दौरे का एक प्रमुख आकर्षण एनसीआरटीसी का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस 'अपरिमित' रहा। यहां छात्रों को वर्चुअल रियलिटी (वीआर), ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर) और बिल्डिंग इन्फॉर्मेशन मॉडलिंग (बीआईएम) जैसी आधुनिक तकनीकों से परिचित कराया गया। विद्यार्थियों ने इन तकनीकों के माध्यम से परियोजना निर्माण, परिचालन दक्षता और व्यावहारिक प्रशिक्षण की प्रक्रियाओं को समझा।
किताबी ज्ञान को जमीनी अनुभव से जोड़ने की पहल
इस तकनीकी भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षा में पढ़ाई जाने वाली इंजीनियरिंग अवधारणाओं का वास्तविक परियोजनाओं में इस्तेमाल समझाना था। एनसीआरटीसी की इस पहल से आईआईटी-दिल्ली के छात्रों को देश की आधुनिक परिवहन परियोजनाओं की योजना, निर्माण और संचालन को प्रत्यक्ष रूप से देखने-समझने का अवसर मिला।


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