डीपीएस मेरठ का रजत जयंती समारोह बना यादगार, ‘कहानियां जीवंत हो उठती हैं’ थीम पर विद्यार्थियों ने बिखेरे प्रतिभा के रंग
गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने किया समारोह का शुभारंभ, भारतीय संस्कृति, संस्कार और नैतिक मूल्यों को शिक्षा से जोड़ने पर दिया जोर
मेरठ, 1 नवंबर। दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), मेरठ का रजत जयंती समारोह कला, संस्कृति, सृजनात्मकता और विद्यार्थियों की प्रतिभा के अद्भुत संगम के रूप में यादगार बन गया। समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने दीप प्रज्वलन एवं मंगलाचरण के साथ किया।
समारोह की विषयवस्तु ‘कहानियां जीवंत हो उठती हैं’ रही। इस थीम पर विद्यार्थियों ने विभिन्न कहानियों और लोकप्रिय पात्रों को अभिनय, नृत्य, संगीत, संवाद एवं नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से मंच पर जीवंत कर दिया। आकर्षक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन समिति की सदस्य डॉ. सुदीप्ता घोष, सह-उपाध्यक्षा शशि सिंह, प्रबंधक अतुल कुमार सिंह सहित विद्यालय प्रबंधन के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि आचार्य देवव्रत ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए अपने संबोधन में शिक्षा को संस्कार, अनुशासन, भारतीय संस्कृति, प्रकृति प्रेम और मानवीय मूल्यों से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को ज्ञान अर्जित करने के साथ-साथ चरित्र निर्माण, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता जैसे गुण भी विकसित करने चाहिए।
सह-उपाध्यक्षा शशि सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में दिखाई दी सृजनात्मकता, आत्मविश्वास, अनुशासन और टीम भावना उनके सर्वांगीण विकास को दर्शाती है। उन्होंने रजत जयंती वर्ष को विद्यालय की 25 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा की उपलब्धियों को याद करने और भविष्य के नए लक्ष्यों की ओर बढ़ने का महत्वपूर्ण अवसर बताया।
प्रबंधक अतुल कुमार सिंह ने रजत जयंती समारोह को विद्यालय के लिए विशेष और गौरवपूर्ण अवसर बताया। विद्यालय की निदेशिका अनुमेहा सिंह एवं सुवेता सिंह ने कार्यक्रम की सफलता के लिए विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की।
प्रधानाचार्य मनीष सेकसरिया ने कहा कि 25 वर्षों की यात्रा में विद्यालय ने शिक्षा के क्षेत्र में अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं। शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास विद्यालय की प्राथमिकता रहा है। आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, संस्कार और मानवीय मूल्यों को भी विशेष महत्व दिया जाता है।
उप-प्रधानाचार्या डॉ. वर्षा भारद्वाज ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, अभिभावकों और सहयोगी स्टाफ का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक सहयोग से रजत जयंती समारोह विद्यालय की गौरवपूर्ण यात्रा का यादगार पड़ाव बन गया।



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