ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुंबई में ठाकरे बंधुओं का शक्ति प्रदर्शन

उद्धव-राज ने निकाला संयुक्त मार्च, CEC के इस्तीफे और महाराष्ट्र में SIR रद्द करने की मांग; दिल्ली में AAP और छात्र संगठनों का भी प्रदर्शन

मुंबई/नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। रविवार को मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने संयुक्त रूप से मार्च निकाला। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में समर्थक शामिल हुए। मार्च के दौरान दोनों नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठाए और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।

मार्च मेट्रो सिनेमा से शुरू होकर बृहन्मुंबई महानगरपालिका मुख्यालय की ओर गया। कांग्रेस और शरद पवार गुट की एनसीपी के नेता भी इसमें शामिल हुए। आयोजकों ने समर्थकों से पार्टी झंडों के बजाय तिरंगा लेकर आने की अपील की थी।

राज ठाकरे बोले- महाराष्ट्र में SIR रद्द हो

राज ठाकरे ने महाराष्ट्र में चल रही SIR प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की। उन्होंने दावा किया कि विधानसभा चुनाव के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम जोड़े गए और अब SIR के दौरान करीब दो करोड़ लोगों के नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ये मतदाता कौन हैं। राज ठाकरे ने चुनाव में ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग भी रखी।

उन्होंने कहा कि सरकार किसकी बनेगी, इसका फैसला जनता और मतदाताओं को करना चाहिए, चुनाव आयोग को नहीं। हालांकि, चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र की मतदाता सूची में हुए बदलावों को लेकर कहा है कि SIR के दौरान जमा नहीं हुए 2.07 करोड़ गणना फॉर्म को अंतिम रूप से हटाए गए नाम नहीं माना जाना चाहिए। ड्राफ्ट सूची पर दावे और आपत्तियां दाखिल करने की प्रक्रिया जारी है।



उद्धव बोले- ज्ञानेश कुमार को बनाया गया ‘हथियार’

उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और CEC की नियुक्ति पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि देशभर में SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उद्धव ने कहा कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया में बदलाव को लेकर भी विपक्ष को आपत्ति है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को सरकार का ‘हथियार’ बताया और SIR रद्द करने की मांग दोहराई। ये आरोप राजनीतिक हैं और स्वतंत्र रूप से सिद्ध नहीं हुए हैं।

आयोग के भीतर असहमति की रिपोर्ट से बढ़ा विवाद

SIR को लेकर चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों ने भी विवाद को बढ़ाया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले महीनों में SIR से जुड़े कुछ फैसलों पर कई बार आपत्तियां दर्ज की थीं। इसी मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी CEC की कार्यप्रणाली और SIR को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति बनी है। हालांकि, चुनाव आयोग ने अपने स्तर पर निर्णयों को लेकर अलग रुख रखा है।

दिल्ली में भी सड़क पर उतरे AAP और छात्र संगठन

मुंबई के प्रदर्शन के साथ ही दिल्ली में भी ज्ञानेश कुमार और SIR के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुआ। आम आदमी पार्टी के नेताओं-कार्यकर्ताओं के साथ छात्र संगठनों के सदस्यों ने जंतर-मंतर के आसपास मार्च निकाला। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की और कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया।

इस तरह चुनाव आयोग और SIR के खिलाफ पिछले कुछ दिनों में मुंबई और दिल्ली में कई विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। विपक्षी दलों और कुछ छात्र संगठनों ने मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण वैध प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है।

मुंबई मार्च के आयोजकों पर केस

मुंबई पुलिस ने बिना अनुमति मार्च निकालने के आरोप में आयोजकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, आजाद मैदान थाने में यह कार्रवाई की गई है।

10 अक्टूबर को दिल्ली में फिर प्रदर्शन की तैयारी

इस बीच ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने भी 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन का ऐलान किया है। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा है कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा। इससे आने वाले दिनों में SIR और चुनाव आयोग को लेकर विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला और तेज होने के संकेत हैं।

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