फील्डमार्शल ने लॉन्च किए ट्रेम वी अनुरूप सिंगल सिलेंडर डीजल इंजन

15 और 18 एचपी श्रेणी में भारत के पहले एआरएआई मंजूर इंजन लॉन्च, स्वदेशी ईजीआर तकनीक से कम उत्सर्जन और बेहतर ईंधन दक्षता का दावा

नोएडा। मेक-इन-इंडिया और स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देते हुए राजकोट स्थित फील्डमार्शल पी.एम. डीजल्स प्राइवेट लिमिटेड ने 15 एचपी और 18 एचपी श्रेणी में सिंगल सिलेंडर डीजल इंजनों की नई रेंज लॉन्च की है। कंपनी के अनुसार ये भारत के पहले एआरएआई (ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया) मंजूर ट्रेम वी अनुरूप सिंगल सिलेंडर डीजल इंजन हैं। कंपनी ने इसे अपनी छह दशक से अधिक लंबी इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया है।

फील्डमार्शल पी.एम. डीजल्स के डायरेक्टर ऋषि पटेल ने कहा कि ट्रेम वी इंजन प्लेटफॉर्म का विकास कंपनी की इंजीनियरिंग यात्रा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। छह दशकों से अधिक समय से कंपनी वास्तविक परिचालन परिस्थितियों के अनुरूप विश्वसनीय उत्पाद विकसित करने पर ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि 15 और 18 एचपी के एआरएआई ट्रेम वी अनुरूप सिंगल सिलेंडर इंजनों के साथ इस तकनीक से संबंधित कई राष्ट्रीय पेटेंट फाइलिंग स्वदेशी भारतीय इंजीनियरिंग क्षमता को दर्शाती हैं।

कृषि मशीनरी और कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर के लिए डिजाइन

कंपनी के मुताबिक नए इंजन विशेष रूप से कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर और कृषि मशीनरी को ध्यान में रखकर विकसित किए गए हैं। इनमें कंपनी की इंजीनियरिंग विशेषज्ञता के साथ क्लीनर तकनीक, ईंधन दक्षता, टिकाऊपन और कॉम्पैक्ट डिजाइन को शामिल किया गया है। कंपनी का कहना है कि नए इंजन कृषि मशीनीकरण और संबंधित इंजीनियरिंग समाधानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए हैं।

नए इंजनों में स्वदेशी रूप से विकसित ईजीआर (एग्जॉस्ट गैस रिसर्कुलेशन) सिस्टम दिया गया है। कंपनी के अनुसार यह सिस्टम उत्सर्जन को कम करने और इंजन के सुचारु संचालन में मदद करता है तथा नवीनतम ट्रेम वी उत्सर्जन आवश्यकताओं के अनुरूप है।

तकनीक से जुड़े कई राष्ट्रीय पेटेंट फाइल

फील्डमार्शल ने अपनी ट्रेम वी इंजन तकनीक से संबंधित भारत में कई राष्ट्रीय पेटेंट भी फाइल किए हैं। कंपनी के अनुसार इससे स्वदेशी अनुसंधान एवं विकास, इंजीनियरिंग डेवलपमेंट और बौद्धिक संपदा निर्माण पर उसका बढ़ता फोकस सामने आता है।

कंपनी ने कहा कि यह लॉन्च स्वदेशी तकनीक के विकास, आत्मनिर्भर भारत और मेक-इन-इंडिया के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। साथ ही उन्नत इंजन, ट्रैक्टर, कृषि मशीनीकरण और संबद्ध इंजीनियरिंग समाधानों के क्षेत्र में कंपनी के विस्तार की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।

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