विकसित भारत की संकल्पना पर विद्यार्थियों ने रखे विचार
भाषण प्रतियोगिता में 143 विद्यार्थियों ने कराया पंजीकरण, 67 ने मंच से रखे विचार; कशिश गोयल ने हासिल किया प्रथम स्थान
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के साहित्यिक सांस्कृतिक परिषद के तत्वावधान में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत बुधवार को शिक्षा विभाग में भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। ‘विकसित भारत की संकल्पना अथवा सरकार की कल्याणकारी योजनाएं’ विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में 143 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया, जबकि 67 प्रतिभागियों ने मंच से अपने विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल तथा कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के मार्गदर्शन में हुआ। विद्यार्थियों ने विकसित भारत, राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका, शिक्षा एवं तकनीकी विकास, आत्मनिर्भर भारत, महिला सशक्तीकरण, सामाजिक समानता और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं पर अपने विचार रखे।
शिक्षा, नवाचार और युवाओं की भूमिका पर जोर
प्रतिभागियों ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार, कौशल विकास, सामाजिक समरसता, समान अवसर और नागरिक सहभागिता भी राष्ट्र के विकास के महत्वपूर्ण आधार हैं। विद्यार्थियों ने विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भूमिका और जिम्मेदार नागरिक के रूप में उनके कर्तव्यों को भी रेखांकित किया।
निर्णायकों ने इन आधारों पर किया मूल्यांकन
भाषणों का मूल्यांकन तीन सदस्यीय निर्णायक मंडल ने किया। इसमें समाजशास्त्र विभाग के सहायक आचार्य डॉ. डीएन भट्ट, संस्कृत विभाग के डॉ. प्रशांत और इस्माइल कॉलेज, मेरठ के अर्थशास्त्र विभाग की डॉ. दीक्षा शामिल रहीं। निर्णायकों ने विषय ज्ञान, विचारों की स्पष्टता, तार्किक प्रस्तुति, भाषा शैली और अभिव्यक्ति कौशल के आधार पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया।
कशिश गोयल ने मारी बाजी
प्रतियोगिता में बीएससी ऑनर्स भूगोल की छात्रा कशिश गोयल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। एमएड की छात्रा फिरोजान यूनुस द्वितीय और बीए ऑनर्स राजनीति विज्ञान की छात्रा निशा रस्तोगी तृतीय स्थान पर रहीं। एमए भूगोल की छात्रा तनु ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया। इस्माइल डिग्री कॉलेज के हिंदी विभाग की छात्रा समरीन तथा नरियान ने संयुक्त रूप से पंचम स्थान हासिल किया।
कार्यक्रम में साहित्यिक सांस्कृतिक परिषद की अध्यक्ष प्रो. नीलू जैन गुप्ता, परिषद समन्वयक प्रो. कृष्ण कांत शर्मा, कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार शर्मा और कार्यक्रम समन्वयक डॉ. जितेंद्र सिंह गोयल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्र के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण, सामाजिक चेतना, नेतृत्व क्षमता, तार्किक चिंतन और प्रभावशाली अभिव्यक्ति कौशल विकसित करना रहा। परिषद की ओर से बताया गया कि इस तरह की गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, रचनात्मक अभिव्यक्ति और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने का प्रयास जारी रहेगा।

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