स्मित मच्छार को मारकर विमान क्रैश कराने की थी साजिश, बहादुर पायलट ने टाली बड़ी तबाही

तेल अवीव एयरपोर्ट पर विमान टकराने की थी योजना, ओमानी को-पायलट ने पहले से तैयार किया था पूरा खाका; हमले के बाद घायल पायलट ने संभाला मोर्चा

नई दिल्ली। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हुए जानलेवा हमले की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार ओमानी मूल के को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने कथित तौर पर स्मित मच्छार की हत्या कर विमान पर नियंत्रण हासिल करने की साजिश रची थी। इसके बाद विमान को इजरायल के बेन गुरियन अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर खड़े किसी विमान या इमारत से टकराने की योजना थी।

जांच के मुताबिक, हम्मामी ने एयरलाइन में नौकरी मिलने से पहले ही इस हमले की तैयारी शुरू कर दी थी। उसने ऐसी एयरलाइनों के बारे में जानकारी जुटाई, जो इजरायल के लिए सीधी उड़ानें संचालित करती थीं। उसका कथित मकसद कॉकपिट पर कब्जा कर विमान को बड़े पैमाने पर तबाही के लिए इस्तेमाल करना था। विमान में करीब 180 लोग सवार थे और विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने पर बड़ी संख्या में अन्य लोगों के भी मारे जाने की आशंका थी।

इजरायल नहीं पहुंचता तो था प्लान बी

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने वैकल्पिक योजना भी तैयार कर रखी थी। अगर विमान इजरायली हवाई क्षेत्र तक नहीं पहुंच पाता तो उसे जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे से टकराने की योजना थी। हम्मामी ने कथित तौर पर बताया कि वह जुलाई में ही इस हमले को अंजाम देने वाला था, लेकिन चालक दल के एक सदस्य से दोस्ती होने के कारण उसने उस समय अपना इरादा बदल दिया।

कुल्हाड़ी से किया था हमला

घटना के दौरान हम्मामी ने विमान में आपात स्थिति के लिए रखी कुल्हाड़ी से कैप्टन स्मित मच्छार के सिर और हाथ पर वार किया। हमले में उनका हाथ गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद आरोपी ने विमान के कंट्रोल स्टिक से छेड़छाड़ की और दोनों इंजन बंद करने की कोशिश की।

बुरी तरह घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोला। इसके बाद चालक दल के सदस्यों और कुछ यात्रियों ने कॉकपिट में पहुंचकर स्थिति संभालने में मदद की और विमान को सुरक्षित उतार लिया। इस तरह पायलट की सूझबूझ और साहस से विमान में सवार यात्रियों समेत जमीन पर मौजूद लोगों की जान बच गई।

अकेले हमले की भी जांच

इजरायली अधिकारी अब यह भी जांच कर रहे हैं कि हम्मामी ने यह साजिश अकेले रची थी या उसके पीछे किसी आतंकी संगठन का हाथ था। जांच में यह पहलू भी देखा जा रहा है कि क्या वह किसी समूह के निर्देश पर काम कर रहा था या उसने अपने स्तर पर विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की योजना बनाई थी।

रिपोर्टों के अनुसार हम्मामी पहले ओमान एयर में काम कर चुका था, जहां उसके कथित कट्टरपंथी विचारों के कारण नौकरी जाने की बात सामने आई है। इसके बावजूद करीब आठ महीने पहले उसे फ्लाईदुबई में नौकरी मिल गई थी। घटना के बाद विमान सुरक्षा और एयरलाइन की भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

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