सरदार पटेल ने 562 रियासतों को एक कर बनाया अखंड भारत: सुधीर गिरि
वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय एकता दिवस पर ‘नक्सल मुक्त भारत’ विषय पर संगोष्ठी, वक्ताओं ने युवाओं से पटेल के आदर्श अपनाने का किया आह्वान
मेरठ। श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय एवं संस्थान में लौह पुरुष भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ अभियान के तहत ‘नक्सल मुक्त भारत’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें शिक्षाविदों और साहित्यकारों ने सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद करते हुए उन्हें आधुनिक अखंड भारत का शिल्पकार बताया।
कार्यक्रम का शुभारंभ वेंक्टेश्वरा समूह के संस्थापक अध्यक्ष सुधीर गिरि, प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी, कुलपति प्रो. कृष्णकांत दवे, प्रतिकुलपति डॉ. मानस रंजन, वरिष्ठ कवयित्री डॉ. मधु चतुर्वेदी और कुलसचिव प्रो. पीयूष कुमार पांडेय ने सरदार पटेल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया।
संस्थापक अध्यक्ष सुधीर गिरि ने कहा कि सरदार पटेल ने आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों को देश से बाहर करने में योगदान दिया, वहीं स्वतंत्रता के बाद 562 रियासतों में बंटे देश को एक तिरंगे के नीचे लाकर राष्ट्रीय एकता और अखंडता की मजबूत नींव रखी। उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण उन्हें महान बनाता है।
प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी ने कहा कि स्वतंत्र और अखंड भारत के इतिहास में सरदार पटेल जैसा दृढ़ इच्छाशक्ति वाला व्यक्तित्व और अनुशासित प्रशासक दूसरा नहीं हुआ। युवाओं को उनके आदर्शों को जीवन में अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए नक्सलवाद को समाप्त करना भी जरूरी है।
कुलपति प्रो. कृष्णकांत दवे ने कहा कि युवाओं और विशेषकर छात्र-छात्राओं को सरदार पटेल के जीवन से दृढ़ता, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा लेनी चाहिए। प्रतिकुलपति डॉ. मानस रंजन ने देश से नक्सलवाद को जड़ से मिटाने में सभी से अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया। वहीं, डॉ. मधु चतुर्वेदी ने कहा कि आधुनिक भारत के निर्माता सरदार पटेल ने देशवासियों को स्वाभिमान के साथ जीने की प्रेरणा दी।
संगोष्ठी को वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. यतींद्र कटारिया, प्रो. पीयूष कुमार पांडेय और डॉ. एसआर मालू ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर डायरेक्टर एकेडमिक प्रो. राजेश सिंह, डॉ. योगेश्वर शर्मा, डॉ. मोहित शर्मा, डॉ. नीतू पंवार, डॉ. रीना जोशी, डॉ. बबीता, डॉ. ओमप्रकाश गोसाई, डॉ. आशुतोष, डॉ. अश्वनी सक्सेना, डॉ. अनिल जायसवाल, डॉ. राजवर्द्धन, डॉ. एसके श्रीवास्तव, डॉ. माता प्रसाद, डॉ. श्यामलाल, डॉ. धीरज दुबे, मेरठ परिसर के निदेशक डॉ. पंकज सिंह और मीडिया प्रभारी विश्वास राणा सहित अनेक शिक्षाविद उपस्थित रहे।




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