डीयू की लैब में शोध के गुर सीखेंगे सीसीएसयू के शोधार्थी, 50 सदस्यीय दल ने किया शैक्षणिक भ्रमण
ANRF-PAIR परियोजना के तहत दिल्ली विश्वविद्यालय ने उठाया पूरा खर्च, संयुक्त शोध और प्रकाशन के खुलेंगे नए रास्ते
मेरठ, 31 अक्टूबर। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) के शोध एवं नवाचार को नई दिशा देने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय ने महत्वपूर्ण पहल की है। ANRF-PAIR परियोजना के तहत शनिवार को सीसीएसयू के 40 शोधार्थियों और 10 शिक्षकों सहित 50 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली विश्वविद्यालय का शैक्षणिक भ्रमण किया। खास बात यह रही कि दिल्ली विश्वविद्यालय ने इस पूरे भ्रमण का वित्तीय प्रायोजन किया। कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के मार्गदर्शन में आयोजित इस भ्रमण का उद्देश्य शोधार्थियों को आधुनिक अनुसंधान सुविधाओं, वैज्ञानिक उपकरणों और विशेषज्ञों से रूबरू कराना था।
प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ और साउथ कैंपस की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं एवं शोध केंद्रों का अवलोकन किया। नॉर्थ कैंपस में भौतिक विज्ञान, प्राणी विज्ञान, रसायन विज्ञान और पर्यावरण अध्ययन विभागों की प्रयोगशालाओं में चल रहे शोध कार्यों और आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई। इसके बाद यूनिवर्सिटी साइंस इंस्ट्रूमेंटेशन सेंटर (USIC) में वैज्ञानिक उपकरणों और अनुसंधान संबंधी तकनीकी सुविधाओं से परिचित कराया गया। दोपहर बाद प्रतिनिधिमंडल ने साउथ कैंपस का भी भ्रमण किया।
इस भ्रमण में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, सूक्ष्मजीव विज्ञान, प्राणी विज्ञान, जेनेटिक्स एवं प्लांट ब्रीडिंग सहित विभिन्न विज्ञान विषयों के शोधार्थियों और शिक्षकों ने भाग लिया। दिल्ली विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों के साथ संवाद के दौरान प्रतिभागियों ने नई शोध तकनीकों, प्रयोगशाला सुविधाओं और आधुनिक वैज्ञानिक कार्यप्रणाली की जानकारी हासिल की।
ANRF का पूरा नाम अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन और PAIR का अर्थ पार्टनरशिप फॉर एक्सेलेरेटेड इनोवेशन एंड रिसर्च है। इस परियोजना के तहत दिल्ली विश्वविद्यालय को हब और सीसीएसयू को स्पोक विश्वविद्यालय बनाया गया है। हब-स्पोक मॉडल के अंतर्गत हब संस्थान अपनी विशेषज्ञता, आधुनिक प्रयोगशालाओं और वैज्ञानिक संसाधनों के माध्यम से स्पोक संस्थान की शोध क्षमता विकसित करने में सहयोग करता है। इससे दोनों विश्वविद्यालयों के बीच संयुक्त अनुसंधान, शोधार्थियों के प्रशिक्षण और गुणवत्तापूर्ण शोध पत्रों के प्रकाशन के अवसर बढ़ेंगे।
दिल्ली विश्वविद्यालय की ओर से परियोजना के प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रो. राज किशोर शर्मा ने प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी और अकादमिक समन्वय किया। उनके साथ प्रो. हाशमी, प्रो. शैलेंद्र, डॉ. उपदेश और डॉ. प्राक्षी सहित अन्य शिक्षकों ने सहयोग किया। सीसीएसयू की ओर से प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व परियोजना के प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर एवं निदेशक, अनुसंधान एवं विकास प्रो. बीरपाल सिंह ने किया। समन्वय में डॉ. अनिल के. यादव, डॉ. नाजिया तरन्नुम, डॉ. अंजलि मलिक, डॉ. ईश्वर और डॉ. दुष्यंत के. चौहान की भूमिका रही।
प्रो. बीरपाल सिंह ने कहा कि कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय शोध और नवाचार को बढ़ावा दे रहा है। दिल्ली विश्वविद्यालय की ओर से 50 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को आमंत्रित कर पूरे भ्रमण का खर्च उठाना दोनों संस्थानों के मजबूत अकादमिक सहयोग का परिचायक है। इस पहल से सीसीएसयू के शोधार्थियों को आधुनिक अनुसंधान तकनीकों और विशेषज्ञ मार्गदर्शन का लाभ मिलेगा। भविष्य में दोनों विश्वविद्यालय संयुक्त शोध परियोजनाओं, गुणवत्तापूर्ण शोध प्रकाशनों और अंतर्विषयक अनुसंधान के क्षेत्र में मिलकर काम कर सकेंगे।


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