कृषि विश्वविद्यालय में 2 नवंबर से सजेगा किसान मेला, 50 हजार किसानों के जुटने की उम्मीद
‘वैज्ञानिक आधारित कृषि, खुशहाल किसान’ होगी थीम, 100 से अधिक कंपनियों के स्टॉल लगेंगे; ड्रोन प्रदर्शन से लेकर उन्नत बीजों की बिक्री तक होंगे आकर्षण
मेरठ। सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 2 से 4 नवंबर तक अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इस बार मेले की थीम ‘वैज्ञानिक आधारित कृषि, खुशहाल किसान’ रखी गई है। इसमें विभिन्न प्रदेशों के 50 हजार से अधिक किसानों के भाग लेने की संभावना है। मेले में 100 से अधिक कंपनियों के स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत बीजों और कृषि यंत्रों की जानकारी मिलेगी।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त ने बताया कि देश के समग्र विकास के लिए कृषि तकनीक का लाभ प्रत्येक किसान, विशेषकर लघु एवं सीमांत कृषकों तक पहुंचना जरूरी है। वर्तमान में किसान जलवायु परिवर्तन, उत्पादन में गिरावट, मृदा स्वास्थ्य में कमी और उपज का उचित मूल्य नहीं मिलने जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। किसान मेले के माध्यम से उन्हें वैज्ञानिक खेती और नवीन तकनीकों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
ड्रोन प्रदर्शन और आधुनिक कृषि यंत्र होंगे आकर्षण
निदेशक प्रसार डॉ. सत्येंद्र खारी ने बताया कि तीन दिवसीय मेले में कृषि शोध की नवीनतम तकनीकों, उन्नत खेती, आधुनिक कृषि यंत्रों, पशुपालन और पशु चिकित्सा से संबंधित जानकारी दी जाएगी। ड्रोन का सजीव प्रदर्शन भी किया जाएगा। इसके अलावा विश्वविद्यालय के शोध केंद्रों पर चल रहे परीक्षणों और प्रदर्शनों का अवलोकन करने का अवसर मिलेगा।
मेले में कृषि विविधीकरण, बीज उत्पादन, जैविक नियंत्रण, प्राकृतिक खेती, कृषि अभियंत्रण, बागवानी, फल-फूल एवं सब्जी उत्पादन, औषधीय और सुगंधित पौधों, डेयरी विकास, खाद्य प्रसंस्करण तथा उद्यमिता विकास से संबंधित स्टॉल लगाए जाएंगे। विशेषज्ञ किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए विचार गोष्ठी, किसान चौपाल और व्याख्यान भी देंगे।
उन्नत बीज खरीद सकेंगे किसान
मेले में गेहूं सहित रबी फसलों और सब्जियों की उन्नतशील प्रजातियों के बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। विश्वविद्यालय और विभिन्न कंपनियों की ओर से तैयार बीजों की उचित मूल्य पर बिक्री होगी। फल, फूल, शाकभाजी और परिरक्षित पदार्थों की प्रदर्शनी, प्रतियोगिता एवं अवलोकन 2 और 3 नवंबर को होगा। किसानों को कृषि संबंधी नवीन उत्पादों और तकनीकों की जानकारी देने के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
4 नवंबर को होगा समापन
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार मेले की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और परिसर में पंडाल लगाने का काम शुरू हो चुका है। कंपनियों और प्रतिष्ठानों के लिए स्टॉल का पंजीकरण किया जा रहा है। उन्हें 15×15 आकार के पंडाल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मेले का समापन और पुरस्कार वितरण 4 नवंबर को होगा।


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