गांधी बाग में लाइट एंड साउंड शो से जीवंत होगी 1857 की क्रांति की गाथा
ट्रायल पूरा, दो-तीन दिन में हो सकता है शुभारंभ; आधुनिक तकनीक से पर्दे पर दिखेगा क्रांतिकारियों का शौर्य और बलिदान
मेरठ। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की ऐतिहासिक गाथा अब गांधी बाग में नए अंदाज में देखने को मिलेगी। यहां अत्याधुनिक तकनीक से तैयार लाइट एंड साउंड शो के जरिए वर्ष 1857 की क्रांति के घटनाक्रम, क्रांतिकारियों के साहस और उनके बलिदान को जीवंत किया जाएगा। शो का ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। अब इसके भव्य शुभारंभ की तैयारी है। अगले दो-तीन दिनों में इसकी शुरुआत होने की संभावना है।
मेरठ की धरती से 1857 में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ उठी विद्रोह की चिंगारी ने देशभर में स्वतंत्रता संघर्ष को नई दिशा दी थी। इसी ऐतिहासिक घटनाक्रम को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए गांधी बाग में लाइट एंड साउंड शो तैयार किया गया है। इसमें रोशनी, ध्वनि, संगीत और आधुनिक दृश्य तकनीक के माध्यम से क्रांति की कहानी प्रस्तुत की जाएगी।
छावनी परिषद के अध्यक्ष से तय होगी तारीख
मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) के उपाध्यक्ष संजय कुमार मीना ने बताया कि शो के शुभारंभ की तिथि निर्धारित करने के लिए छावनी परिषद के अध्यक्ष ब्रिगेडियर एसके सिंह से वार्ता की जाएगी। इसके बाद उद्घाटन कार्यक्रम तय किया जाएगा। परियोजना का निर्माण मेडा ने अवस्थापना निधि से कराया है। ट्रायल पूरा होने के बाद अब इसे नियमित रूप से संचालित करने की तैयारी की जा रही है।
पांच साल तक निजी कंपनी संभालेगी संचालन
लाइट एंड साउंड शो के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी एक निजी कार्यदायी कंपनी को सौंपी गई है। कंपनी अगले पांच वर्षों तक इसकी व्यवस्था संभालेगी। रखरखाव के लिए दर्शकों से सामान्य शुल्क लिया जाएगा। इसका उद्देश्य तकनीकी व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखते हुए शो का नियमित संचालन सुनिश्चित करना है।
लेजर और थ्रीडी प्रोजेक्शन से दिखेगा इतिहास
शो में अत्याधुनिक लाइट, लेजर और थ्रीडी प्रोजेक्शन मैपिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। प्रकाश और ध्वनि के साथ संवाद व संगीत का संयोजन कर ऐतिहासिक घटनाओं को रोचक तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा। इससे दर्शकों को 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख प्रसंगों को दृश्य-श्रव्य माध्यम से समझने का अवसर मिलेगा।
गांधी बाग में शुरू होने जा रहा यह शो मेरठ की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने और शहर के गौरवशाली अतीत से लोगों, विशेषकर युवाओं को जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।


No comments:
Post a Comment