16,726 संपत्तियों की सूची पर व्यापारियों का आक्रोश, बाजारों में लहराए 17 हजार काले झंडे

एमडीए कार्रवाई के विरोध में बाजारों में अभियान तेज, व्यापारियों ने दोबारा सर्वे कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की उठाई मांग

मेरठ। मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) की कार्रवाई और 16,726 संपत्तियों की सूची के विरोध में व्यापारियों का काले झंडे लगाने का अभियान शनिवार को भी जारी रहा। संयुक्त व्यापार संघ के आह्वान पर स्पोर्ट्स मार्केट, शास्त्रीनगर, इंदिरा चौक, बेगमपुल समेत कई बाजारों में व्यापारियों ने प्रतिष्ठानों पर काले झंडे लगाए। व्यापारियों ने सूची की दोबारा जांच और नए सिरे से सर्वे कराने की मांग उठाई।

17 हजार काले झंडे बांटे, बाजारों में लगाए

संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार तक करीब 17 हजार काले झंडे वितरित किए जा चुके हैं। कागजी बाजार, सदर सराफा, वैली बाजार और ट्रांसपोर्टनगर समेत कई बाजारों में व्यापारी काले झंडे लगा चुके हैं। शनिवार को इंदिरा चौक और सूरजकुंड स्थित स्पोर्ट्स मार्केट में भी व्यापारियों ने अभियान चलाया।

नवीन गुप्ता ने कहा कि काले झंडे लगाने का उद्देश्य सरकार का विरोध करना नहीं, बल्कि व्यापारियों की मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से सरकार तक पहुंचाना है।

16,726 संपत्तियों की सूची पर उठाए सवाल

व्यापारी प्रतिनिधिमंडल ने एमडीए अधिकारियों से मुलाकात कर 16,726 संपत्तियों को सूची में शामिल किए जाने का आधार पूछा। व्यापारियों ने कहा कि मेरठ विकास प्राधिकरण का गठन 1976 में हुआ था और 1978 में यहां बायलॉज लागू हुए। ऐसे में इससे पहले निर्मित संपत्तियों को सूची में शामिल किए जाने के आधार को स्पष्ट किया जाना चाहिए।

व्यापारियों के अनुसार, एमडीए अधिकारियों ने दोबारा सर्वे कराने की बात कही है। उनका कहना है कि नए सर्वे में प्रत्येक संपत्ति की वास्तविक स्थिति और निर्माण से जुड़े दस्तावेजों की स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।

दोबारा सर्वे में तय हो जिम्मेदारी

संयुक्त व्यापार संघ के उपाध्यक्ष तरुण गुप्ता ने कहा कि दोबारा होने वाले सर्वे में संपत्तियों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने 16,726 संपत्तियों की सूची तैयार करने की जिम्मेदारी तय करने और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की मांग की।

उन्होंने कहा कि व्यापारियों की मांगों को केंद्र सरकार तक भी भेजा जाना चाहिए। संघ ने काले झंडे लगाने का अभियान आगे भी जारी रखने की बात कही है।

बोले व्यापारी- परिवारों के सामने खड़ा हो रहा संकट

तरुण गुप्ता ने कहा कि व्यक्ति पूरी जिंदगी मेहनत कर अपने परिवार के लिए घर और कारोबार खड़ा करता है। ऐसे में संपत्तियों से जुड़ी कार्रवाई से प्रभावित परिवारों के सामने परेशानी खड़ी हो रही है। उन्होंने कहा कि व्यापारी किसी विवाद की स्थिति नहीं चाहते और काले झंडे लगाकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज सरकार तक पहुंचा रहे हैं।

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