STP में क्लोरीन गैस रिसाव की वजह सामने आई

खराब वाल्व से लीक हुआ क्लोरीन कैप्सूल, आपात सुरक्षा तंत्र भी हुआ फेल; लीकेज वाला कैप्सूल हटाकर सिस्टम बंद

मेरठ। पल्लवपुरम फेस-दो स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) में क्लोरीन गैस रिसाव की घटना के बाद बुधवार को लीकेज वाला क्लोरीन कैप्सूल प्लांट से हटा दिया गया। क्लोरीन मिलाने की व्यवस्था फिलहाल बंद कर दी गई है। सीवेज शोधन के लिए अब अस्थायी रूप से सोडियम हाइपोक्लोराइट का इस्तेमाल किया जा रहा है।

जांच में सामने आया कि करीब 10 दिन पहले गाजियाबाद के मसूरी स्थित मॉडर्न एल्कली कंपनी से मंगाए गए क्लोरीन कैप्सूल के वाल्व में तकनीकी खराबी थी। ऑपरेटर ने नियमानुसार सप्लाई लाइन हटाने से पहले वाल्व बंद किया था, लेकिन खराब वाल्व से गैस का तेज रिसाव शुरू हो गया। इसकी चपेट में आने से ऑपरेटर की हालत बिगड़ गई।

बिजली गुल होने से बिगड़ी स्थिति

जांच में यह भी सामने आया कि गैस रिसाव की स्थिति में क्लोरीन को खींचने के लिए प्लांट में ब्लोअर और कास्टिक सोडा टैंक की व्यवस्था थी। ब्लोअर कुछ मिनट चले, लेकिन इसके बाद बिजली गुल हो गई। प्लांट में जनरेटर मौजूद था, मगर गैस के कारण घबराकर ऑपरेटर के बाहर निकल जाने के बाद उसे चलाने के लिए दूसरा कर्मचारी मौजूद नहीं था। इससे आपात स्थिति और गंभीर हो गई।

यूवी तकनीक पर भी विचार

बिजली पैनल, कास्टिक सोडा टैंक समेत अन्य उपकरणों की जांच के बाद STP का संचालन शुरू कर दिया गया है। भविष्य में क्लोरीन के स्थान पर अल्ट्रावायलेट (UV) प्रकाश आधारित कीटाणुशोधन तकनीक अपनाने पर भी अधिकारियों के स्तर पर विचार किया जा रहा है। नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने जल निगम विद्युत यांत्रिकी से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है।

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