रोडवेज कर्मचारियों ने 17 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

संविदाकर्मियों को रिक्त पदों पर नियमित करने, 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता और कैशलेस इलाज की मांग

मेरठ। भारतीय परिवहन मजदूर महासंघ की केंद्रीय प्रबंध समिति के आह्वान पर भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों ने बुधवार को 17 सूत्रीय मांगों को लेकर क्षेत्रीय प्रबंधक को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने संविदाकर्मियों के लिए सेवा नियमावली लागू कर उपलब्ध रिक्त पदों के सापेक्ष उन्हें नियमित करने की मांग प्रमुखता से उठाई।

प्रदेश महामंत्री भारत भूषण ने कहा कि ई-बस सेवा के नाम पर राष्ट्रीयकृत मार्गों पर निजी वाहनों को दी जा रही छूट से परिवहन निगम के अस्तित्व पर असर पड़ रहा है। उन्होंने निजी वाहनों और निगम की बसों पर कर में समानता तथा अवैध संचालन पर रोक लगाने की मांग की।

कर्मचारियों ने नियमित कार्मिकों को केंद्र और राज्य कर्मचारियों के समान 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने, पूर्व में स्वीकृत डीए की किस्तों का भुगतान देय तिथि से करने और संविदाकर्मियों के वेतन में हर छह महीने में 10 प्रतिशत वृद्धि की मांग की। ई-चालान, डीजल औसत और लोड फैक्टर के नाम पर वेतन से होने वाली कटौती बंद करने की मांग भी रखी गई।

ज्ञापन में कार्यरत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों-अधिकारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा, दीपावली से पहले बोनस, छठे वेतनमान को एक जनवरी 2006 से लागू करने और छठे-सातवें वेतनमान के बकाये का भुगतान करने समेत पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग शामिल रही। इस दौरान संजय सिंह, अनुज कुमार, सुशील कुमार, कुलदीप शर्मा, मनोज शर्मा, अशोक कुमार, हरीश कुमार, दिनेश शर्मा समेत विभिन्न डिपो के पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

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