SIR में नाम कटा तो घर पहुंचेगा BLO, दस्तावेज भी लेगा

चुनाव आयोग का बड़ा फैसला; नोटिस पाने वालों को राहत, 30 राज्यों-यूटी की ड्राफ्ट सूची से 13.37 करोड़ नाम हटे

नई दिल्ली। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर जारी विवाद के बीच चुनाव आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए अहम फैसला लिया है। जिन लोगों के नाम SIR की ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं और जिन्हें नाम मैप न होने या रिकॉर्ड में विसंगति के कारण नोटिस मिला है, उनके घर जाकर बीएलओ जरूरी दस्तावेज जुटाएंगे और उन्हें आयोग की वेबसाइट पर अपलोड करेंगे। संबंधित मामलों पर निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) फैसला करेगा।

आयोग की बैठक में नाइट शेल्टर में रहने वाले लोगों, मजदूरों, गरीबों और बेघर मतदाताओं के लिए पर्याप्त हेल्प डेस्क और विशेष शिविर लगाने पर भी जोर दिया गया। SIR के तहत अब तक 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट मतदाता सूचियों से करीब 13.37 करोड़ नाम हटाए गए हैं।

नाम छूटा तो फॉर्म-6 से दावा

आयोग के मुताबिक ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं होने पर मतदाता फॉर्म-6 के जरिए नाम शामिल कराने का दावा कर सकता है। दिल्ली में ड्राफ्ट सूची से करीब 47.7 लाख नाम हटाए गए थे और ऐसे मतदाताओं के लिए दावे-आपत्तियां दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

गोवा में छूटे हुए मतदाताओं से फॉर्म-6 लेने के लिए ब्लॉक स्तर के अधिकारी घर-घर जाएंगे। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि नाम हटाने से पहले संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना जरूरी है।

आयोग की बैठक के बीच विवाद भी तेज

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू व विवेक जोशी की बैठक ऐसे समय हुई है, जब SIR को लेकर आयोग के भीतर कथित मतभेदों पर रिपोर्ट सामने आई हैं। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार दोनों चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में आयोग के कुछ फैसलों पर कई बार आपत्ति दर्ज कराई थी।

आयोग ने इस रिपोर्ट पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि संधू और जोशी द्वारा कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र का संबंध SIR या आयोग के किसी फैसले से नहीं, बल्कि प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी के कामकाज से था।

SIR को लेकर राजनीतिक दलों के बीच भी आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। कांग्रेस ने आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विरोध प्रदर्शन किया है, जबकि चुनाव आयोग ने प्रक्रिया और मतदाता दावों के निस्तारण से जुड़े अपने कदम स्पष्ट किए हैं।

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