सुप्रीम कोर्ट के आदेश का असर: सेंट्रल मार्केट में खुद अवैध हिस्से हटाने लगे व्यापारी
दुकानों और प्रतिष्ठानों के आगे बने अतिरिक्त निर्माण पर चला हथौड़ा, कार्रवाई से पहले मानकों के अनुरूप करने की कोशिश
मेरठ। सेंट्रल मार्केट, आवास विकास और मेडा से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शहर में हलचल तेज हो गई है। एक ओर प्रभावित व्यापारी और स्थानीय लोग बैठकों व आंदोलन के जरिए अपनी बात रख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सेंट्रल मार्केट में कई भूखंड मालिक अपने प्रतिष्ठानों में बने मानकों के विपरीत हिस्सों को खुद हटाने में जुट गए हैं।
सेंट्रल मार्केट क्षेत्र में कई दुकानों और प्रतिष्ठानों के आगे बने अतिरिक्त निर्माण को तोड़ा जा रहा है। कहीं निर्माण का हिस्सा हटाया गया है तो कहीं दुकानों के सामने बने अतिरिक्त स्ट्रक्चर को मजदूरों की मदद से हटाया जा रहा है। भूखंड मालिकों का कहना है कि वे सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में अपने प्रतिष्ठानों को निर्धारित मानकों के अनुरूप करने का प्रयास कर रहे हैं।
प्रशासनिक कार्रवाई से पहले निर्माण हटाने की कवायद
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद सेंट्रल मार्केट और शास्त्रीनगर का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। प्रभावित व्यापारी अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं और लगातार बैठकों का दौर चल रहा है। वहीं आंदोलनकारी संगठन भी आगे की रणनीति तैयार कर रहे हैं।
इधर, कई भूखंड मालिक अपने स्तर से उन निर्माण हिस्सों को हटा रहे हैं, जिन्हें निर्धारित मानकों के अनुरूप करने के लिए हटाना जरूरी माना जा रहा है। उनका प्रयास है कि प्रशासनिक कार्रवाई से पहले ही निर्माण में आवश्यक बदलाव कर लिए जाएं।
दुकानों के आगे मलबा, मजदूर जुटे
सेंट्रल मार्केट में कई प्रतिष्ठानों के बाहर निर्माण सामग्री और मलबा नजर आ रहा है। कुछ स्थानों पर मजदूर अतिरिक्त निर्माण हटाने में जुटे हैं। साथ ही संबंधित अधिकारी भूखंडों और निर्माण की स्थिति का आकलन कर रहे हैं। कार्रवाई के बीच व्यापारियों में अपने प्रतिष्ठानों को लेकर असमंजस भी बना हुआ है।

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