अंकित बालियान हत्याकांड में बड़ा खुलासा: शामली के युवक भी कर रहे थे रेकी, GPS से खुल रही साजिश की परतें

तीन संदिग्ध हिरासत में, गाजियाबाद के दुकानदार से पूछताछ; शूटर GPS लगाने के बाद उसे एक्टिव नहीं कर पाए, पुलिस खंगाल रही खरीद से कार तक की पूरी कड़ी

शामली, 3 सितंबर 2026।
हरियाणवी गायक और यूट्यूबर अंकित बालियान हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, साजिश की नई परतें सामने आ रही हैं। पुलिस की जांच में अब शामली के कुछ युवकों की भूमिका भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि ये युवक हत्या से पहले अंकित के जिम और उसके आसपास रेकी कर रहे थे। पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।

जांच में अंकित की कार में लगाए गए GPS को लेकर भी अहम जानकारी सामने आई है। पुलिस ने गाजियाबाद के उस दुकानदार को भी हिरासत में लिया है, जिससे कथित तौर पर गिरोह के सदस्यों ने GPS खरीदा था। पुलिस अब GPS की खरीद से लेकर उसे कार में लगाए जाने तक की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है।

GPS लगाने के बाद उसे एक्टिव नहीं कर पाए शूटर

पुलिस के मुताबिक, हत्याकांड से पहले अंकित की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उसकी कार में GPS लगाने की योजना बनाई गई थी। शूटरों ने GPS कार में लगा तो दिया, लेकिन उसे चालू नहीं कर पाए। बाद में पुलिस ने यह GPS बरामद कर लिया।

अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि GPS किसने खरीदा, किसके कहने पर खरीदा गया और उसे अंकित की कार तक पहुंचाने तथा लगाने में कौन-कौन लोग शामिल थे।

जिम के आसपास घूम रहे थे शामली के युवक

पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि हत्या से पहले कुछ संदिग्ध युवक अंकित के जिम के आसपास दिखाई देते थे। पुलिस को आशंका है कि ये लोग अंकित की दिनचर्या और गतिविधियों की जानकारी जुटा रहे थे।

तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। हालांकि, पुलिस अभी उनकी भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।

गोगी गैंग के एंगल की भी जांच

पुलिस इस मामले में कुख्यात गोगी गैंग के संभावित कनेक्शन की भी जांच कर रही है। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, जांच में यह पहलू सामने आया है कि गिरोह हरियाणवी गायकों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा था।

17 अक्टूबर 2017 को हरियाणवी गायिका हर्षिता दहिया की हत्या का मामला भी जांच के इस एंगल से जोड़ा जा रहा है। पुलिस पुराने मामलों और मौजूदा हत्याकांड के बीच संभावित कड़ियों की पड़ताल कर रही है।

मवाना से चोरी बाइक पर फर्जी नंबर लगाकर रेकी

जांच में यह भी सामने आया है कि अंकित की हत्या में इस्तेमाल की गई बाइक अप्रैल 2026 में मेरठ के मवाना क्षेत्र से चोरी की गई थी। पुलिस के अनुसार, 22 अप्रैल को कोल गांव से बाइक चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

बताया जा रहा है कि चोरी के बाद बाइक को पहले दिल्ली और फिर सोनीपत ले जाया गया। इसके बाद उस पर बागपत की एक कार का फर्जी नंबर लगाया गया। पुलिस के मुताबिक, सोनीपत के शार्प शूटर मोहित और सुमित ने 20 अगस्त को इसी बाइक से शामली में रेकी की थी।

अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बाइक को अलग-अलग स्थानों तक पहुंचाने और उसका नंबर बदलने में कौन-कौन लोग शामिल थे।

मुखर्जी नगर में मिले थे शूटरों को 75 हजार रुपये

पुलिस की जांच में शार्प शूटरों को 75 हजार रुपये एडवांस दिए जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, यह रकम दिल्ली के मुखर्जी नगर में झाड़ियों में रखी गई थी, जहां से शूटरों ने इसे हासिल किया।

जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के कथित सदस्य भोलू और चिराग स्नैपचैट के जरिए शूटरों से संपर्क में थे और उन्हें निर्देश दे रहे थे।

बागपत के CCTV में भी दिखे संदिग्ध

हत्या के बाद फरार हुए शूटरों की गतिविधियों को ट्रेस करने के लिए पुलिस बागपत समेत कई इलाकों के CCTV फुटेज खंगाल रही है। जांच के दौरान शूटरों के पाली और खेकड़ा क्षेत्र में कैमरों में दिखाई देने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस इन फुटेज के जरिए उनके आने-जाने के पूरे रास्ते का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

‘वर्चस्व और रंगदारी’ के एंगल की भी पड़ताल

जांच एजेंसियां हत्या के पीछे केवल व्यक्तिगत रंजिश या विवादित गाने को वजह मानकर नहीं चल रही हैं। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि कहीं वारदात का मकसद हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आपराधिक वर्चस्व कायम करना तो नहीं था।

हालांकि, रंगदारी और वर्चस्व से जुड़े इन दावों की जांच अभी जारी है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं और संदिग्धों की भूमिका की पुष्टि करने में जुटी है।

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