होमगार्ड भर्ती की दौड़ ने ली तीसरी जान, सात दिन में तीन अभ्यर्थियों की मौत
16 सितंबर को पीईटी के दौरान 11 अभ्यर्थियों की बिगड़ी थी हालत, दो की उसी दिन मौत; अस्पताल में भर्ती सचिन ने भी दम तोड़ा
मेरठ। होमगार्ड भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी) के दौरान तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में उपचार करा रहे तीसरे अभ्यर्थी की भी सोमवार देर रात मौत हो गई। 16 सितंबर को कैलाश प्रकाश स्टेडियम में दौड़ के दौरान 11 अभ्यर्थियों की हालत बिगड़ी थी। इनमें दो की उसी दिन मौत हो गई थी, जबकि गंभीर हालत में वेंटिलेटर पर भर्ती सचिन ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
प्रदेश में होमगार्ड के 41,424 पदों पर भर्ती के लिए 16 सितंबर से पीईटी शुरू हुई है। पहले दिन दौड़ के दौरान आठ अभ्यर्थियों को उपचार के बाद अस्पताल से घर भेज दिया गया था। वहीं शामली के लिसाढ़ गांव निवासी 40 वर्षीय पूर्व सैनिक अंकुज मलिक और हापुड़ के बाबूगढ़ क्षेत्र के मुक्तेश्वर निवासी तरुण की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। शामली के गुज्जपुर झिंझाना निवासी सचिन पुत्र विनोद कुमार की हालत गंभीर होने पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। उपचार के दौरान उनकी भी मौत हो गई।
भर्ती बोर्ड ने मांगी रिपोर्ट
लगातार हो रही मौतों के बाद होमगार्ड भर्ती बोर्ड ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नोडल अधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में पीईटी के दौरान अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ने और उन्हें उपलब्ध कराई गई चिकित्सकीय सुविधाओं समेत अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी मांगी गई है।
पुरुषों को 28 मिनट में 4.8 किमी दौड़
पीईटी में पुरुष अभ्यर्थियों को 4.8 किलोमीटर की दौड़ 28 मिनट में पूरी करनी है, जबकि महिला अभ्यर्थियों के लिए 2.4 किलोमीटर की दौड़ 16 मिनट में पूरी करने का मानक है। कैलाश प्रकाश स्टेडियम में पुरुष अभ्यर्थियों को 12 और महिलाओं को छह चक्कर लगाने होते हैं।
अभ्यर्थियों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्टेडियम में एंबुलेंस और चिकित्सकों की टीम तैनात है। इसके बावजूद उमस भरी गर्मी में दौड़ के दौरान लगातार अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ने की घटनाएं सामने आ रही हैं। तीन अभ्यर्थियों की मौत के बाद भर्ती प्रक्रिया में सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

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