उल्देपुर की अवैध कॉलोनियों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, जस्टिस धूलिया की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग गठित
जमीन की खरीद-फरोख्त से लेकर एमडीए की भूमिका तक होगी जांच, जोन-ए के 16,726 अवैध निर्माणों पर सीलिंग के निर्देश
मेरठ। अवैध निर्माण और कॉलोनियों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। उल्देपुर क्षेत्र में विकसित अवैध आवासीय कॉलोनियों की जांच के लिए पूर्व न्यायाधीश जस्टिस सुधांशु धूलिया की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग गठित किया गया है। आयोग जमीन की खरीद-फरोख्त, कॉलोनियों के विकास और मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) की भूमिका की जांच करेगा।
कॉलोनियां कैसे बसीं, किसकी जमीन थी—होगी पड़ताल
आयोग यह जांच करेगा कि उल्देपुर में अवैध कॉलोनियों के लिए जमीन किसकी थी और उसकी खरीद-फरोख्त किस तरह हुई। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि लंबे समय तक अवैध कॉलोनियों के विकसित होने के बावजूद संबंधित प्राधिकरण की ओर से कार्रवाई क्यों नहीं की गई। प्राधिकरण के अधिकारियों की भूमिका या किसी तरह की मिलीभगत के आरोपों से जुड़े पहलू भी जांच के दायरे में रहेंगे। आयोग के अध्यक्ष जरूरत के अनुसार अन्य सदस्यों को शामिल कर सकेंगे।
उल्देपुर के अवैध निर्माणों पर भी कार्रवाई
सुप्रीम कोर्ट ने उल्देपुर में मौजूद अवैध ढांचों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। संबंधित अधिकारियों से अवैध कॉलोनियों के संबंध में जवाब और अब तक की गई कार्रवाई की स्थिति भी मांगी गई है। इससे पहले की सुनवाई में कोर्ट उल्देपुर की अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त करने के निर्देश दे चुका है।
जोन-ए के 16,726 निर्माण सील होंगे
सेंट्रल मार्केट प्रकरण की सुनवाई के दौरान एमडीए की ओर से पेश जोन-ए की सर्वे रिपोर्ट में 16,726 अनधिकृत निर्माण चिन्हित किए गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने इन संपत्तियों पर सीलिंग और अन्य कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जोन-बी, सी और डी में भी अवैध निर्माणों की पहचान कर रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है।

No comments:
Post a Comment