सामाजिक समरसता से ही मजबूत होगा समाज : त्रिलोक त्यागी
रालोद के सामाजिक समरसता सम्मेलन में सामाजिक न्याय और समान अवसर पर जोर, बसपा-सपा-कांग्रेस छोड़कर सैकड़ों लोगों ने थामा रालोद का दामन
मेरठ। राष्ट्रीय लोकदल अनुसूचित जाति/जनजाति प्रकोष्ठ की ओर से एसजीएम गार्डन में सामाजिक समरसता सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में सामाजिक न्याय, समान अवसर, आपसी भाईचारे और समाज के सभी वर्गों के सम्मान पर जोर दिया गया। इस दौरान बसपा, सपा और कांग्रेस छोड़कर आए सैकड़ों लोगों ने रालोद की सदस्यता ग्रहण की।
मुख्य अतिथि रालोद के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) त्रिलोक त्यागी ने कहा कि सामाजिक समरसता केवल नारा नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान और समान अवसर देने की भावना है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति समाज ने देश निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। संगठन में कार्यकर्ताओं को उनकी मेहनत, योग्यता और योगदान के अनुरूप जिम्मेदारी और सम्मान मिलना चाहिए। सामाजिक न्याय और सामाजिक समरसता एक-दूसरे के पूरक हैं।
अधिकार और भागीदारी मजबूत करने पर जोर
अनुसूचित जाति/जनजाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओपी सागर ने समाज के अधिकार, सम्मान और भागीदारी को मजबूत करने की जरूरत बताई। राष्ट्रीय सचिव प्रबुद्ध कुमार ने चौधरी चरण सिंह की विचारधारा को गांव, किसान और मेहनतकश समाज के सम्मान से जोड़ा। प्रदेश अध्यक्ष भगवती प्रसाद सूर्यवंशी ने युवाओं को शिक्षा, रोजगार और नेतृत्व के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
पूर्व विधायक विनोद हरित ने कहा कि समाज की विविधता उसकी ताकत है। सभी वर्गों को एक-दूसरे के अधिकारों और भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। सामाजिक न्याय मंच की प्रदेश अध्यक्ष संगीता दोहरे ने महिलाओं, दलितों, पिछड़ों, अतिपिछड़ों और अल्पसंख्यक समाज की भागीदारी को जरूरी बताया।
दीपक गून ने किया संचालन
कार्यक्रम की अध्यक्षता अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग के सदस्य नरेंद्र खजूरी ने की, जबकि संचालन आयोजक एवं रालोद अनुसूचित जाति/जनजाति प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय अध्यक्ष दीपक गून ने किया। सम्मेलन में विधायक गुलाम मोहम्मद समेत रालोद के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। गुलाम मोहम्मद ने भी सामाजिक एकजुटता और भाईचारे पर जोर दिया।

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