कचहरी को घेरे रही पुलिस, चकमा देकर कोर्ट पहुंचा हत्यारोपी बॉक्सर

रोडरेज में युवक की मौत के बाद एक महीने से था फरार, पुलिस को पहले से थी सरेंडर की सूचना; अधिवक्ताओं के साथ पहुंचकर अदालत में किया आत्मसमर्पण

मेरठ। सिविल लाइन क्षेत्र में रोडरेज के दौरान युवक की मौत के मामले में करीब एक महीने से फरार चल रहे आरोपी बॉक्सर अमर ने गुरुवार को पुलिस को चकमा देकर कचहरी पहुंचकर अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। खास बात यह रही कि पुलिस को पहले से उसके कोर्ट में सरेंडर करने की सूचना थी। कचहरी परिसर में सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की तैनाती और घेराबंदी के बावजूद आरोपी करीब आठ-दस अधिवक्ताओं के साथ कोर्ट तक पहुंच गया। पुलिस उसके प्रवेश के बाद उसे पकड़ने में नाकाम रही। अदालत ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

रोडरेज के बाद बरसाए थे मुक्के

मामला 22 अगस्त का है। सुशीला जसवंत राय अस्पताल के पास न्यू सर्वोदय कॉलोनी निवासी गौरव चौधरी अपने दोस्त सनी के साथ स्कूटी से जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रही अमर की बाइक स्कूटी से टकरा गई। टक्कर के बाद दोनों पक्षों में कहासुनी और फिर हाथापाई शुरू हो गई।

सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, विवाद के दौरान अमर ने गौरव और सनी पर मुक्के बरसाने शुरू कर दिए। एक मुक्का गौरव के चेहरे पर लगा और वह सड़क पर गिरकर बेसुध हो गए। सनी भी हमले की चपेट में आया, लेकिन वहां से निकल गया। घटना के बाद अमर बाइक लेकर मौके से चला गया।

एक महीने इलाज के बाद हुई गौरव की मौत

गंभीर हालत में गौरव को अस्पताल में भर्ती कराया गया। करीब एक महीने तक अलग-अलग अस्पतालों में उनका उपचार चला। इस दौरान उनकी पत्नी बरखा चौधरी की तहरीर पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने तलाश शुरू की।

पुलिस के अनुसार, अमर पूर्व में बॉक्सिंग का खिलाड़ी रहा है और वर्तमान में एक ई-कॉमर्स कंपनी में काम करता है। इलाज के दौरान गौरव की हालत बिगड़ती गई और 22 सितंबर को उनकी मौत हो गई। इसके बाद मुकदमे में नियमानुसार धाराएं बढ़ाई गईं और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास तेज किए गए।

रात में मिल गई थी सरेंडर की सूचना

बुधवार रात पुलिस को सूचना मिली थी कि अमर कचहरी में आत्मसमर्पण कर सकता है। इसके बाद कचहरी परिसर में पुलिस बल तैनात किया गया और सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मियों को लगाया गया। गुरुवार दोपहर करीब दो बजे आरोपी के कचहरी पहुंचने की सूचना मिलने पर घेराबंदी और कड़ी कर दी गई।

इसके बावजूद अमर अधिवक्ताओं के साथ कचहरी में दाखिल हुआ और सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस उसके कोर्ट तक पहुंचने से पहले उसे पकड़ नहीं सकी।

वायरल सीसीटीवी फुटेज में कैद है पूरा घटनाक्रम

रोडरेज की घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल है। फुटेज में बाइक के स्कूटी से टकराने, कहासुनी और धक्कामुक्की के बाद अमर के मुक्के चलाने का घटनाक्रम दिखाई दे रहा है। गौरव के जमीन पर गिरने के बाद आरोपी के बाइक से मौके से निकलने का दृश्य भी फुटेज में कैद है।

पुलिस की घेराबंदी पर उठे सवाल

आरोपी के कचहरी पहुंचकर सरेंडर करने के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। जब पुलिस को उसके आत्मसमर्पण की पहले से जानकारी थी और कचहरी में घेराबंदी भी की गई थी, तो आरोपी अधिवक्ताओं के साथ कोर्ट तक कैसे पहुंच गया, यह सवाल चर्चा में है। करीब एक महीने तक उसकी गिरफ्तारी न होने को लेकर भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

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