सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण के बाद भी महिलाओं का धरना जारी
स्थानीय महिलाओं ने आवास विकास पर लगाए आश्वासन के बावजूद कार्रवाई के आरोप, 21 सितंबर की सुप्रीम कोर्ट सुनवाई पर टिकी नजर
मेरठ। सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी बनी हुई है। पिछले करीब पांच महीने से धरने पर बैठीं महिलाओं ने कार्रवाई के बाद भी धरना जारी रखा। महिलाओं ने आरोप लगाया कि उन्हें 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तावित सुनवाई से पहले किसी तरह की कार्रवाई नहीं होने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद रात में बैरिकेडिंग कर सुबह ध्वस्तीकरण शुरू कर दिया गया।
धरने पर बैठीं शीतल पुजानी ने कहा कि उन्हें कार्रवाई की कोई पूर्व जानकारी नहीं थी। उनके मुताबिक, अधिकारियों की ओर से लगातार 21 सितंबर की सुनवाई से पहले कार्रवाई नहीं करने की बात कही जा रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि रात में अचानक बैरिकेडिंग कर दी गई और सुबह लोगों के घरों से निकलने के समय ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
शीतल ने कहा कि भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग के कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान बिजली और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। उन्होंने कहा कि अब उन्हें आवास विकास के अधिकारियों पर भरोसा नहीं रह गया है।
शीतल ने कहा कि फिलहाल सभी की नजर 21 सितंबर को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर है। उन्होंने कहा कि ध्वस्तीकरण के बाद स्थानीय लोग अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
‘सरकार का काम बसाना है, उजाड़ना नहीं’
स्थानीय निवासी प्रभा बंसल ने भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि लोगों ने मकान खरीदे और कई परिवारों ने अपने घरों में छोटी दुकानें खोलकर रोजी-रोटी का इंतजाम किया। उनके अनुसार, यदि दुकानों को लेकर आपत्ति थी तो पहले कार्रवाई की जा सकती थी, लेकिन अब परिवारों को उजाड़ने की कार्रवाई उचित नहीं लगती।
प्रभा बंसल ने कहा कि उन्हें भी 21 सितंबर तक कार्रवाई नहीं होने की बात बताई गई थी। अब ध्वस्तीकरण के बाद लोगों की उम्मीदें सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं। उन्होंने कहा कि सुनवाई में राहत मिलने की स्थिति में प्रभावित परिवारों को उम्मीद बंधेगी।
स्थानीय महिलाओं का कहना है कि वे 21 सितंबर की सुनवाई और उसके फैसले का इंतजार कर रही हैं। वहीं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में आगे की कार्रवाई को लेकर भी लोगों में चिंता बनी हुई है।

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