ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के बीच गूंजा ‘गणपति बप्पा मोरया’, वेंक्टेश्वरा में भव्य गणपति उत्सव का शुभारंभ

12 दिन चलेगा गणपति महोत्सव, भजन संध्या से लेकर कवि सम्मेलन तक होंगे एक दर्जन से अधिक कार्यक्रम; हजारों छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा

मेरठ। राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय एवं संस्थान और विम्स के संयुक्त तत्वावधान में 12 दिवसीय गणपति उत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। गणेश चतुर्थी से शुरू हुआ यह आयोजन अनंत चतुर्दशी तक चलेगा। पहले दिन ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के बीच गणपति बप्पा की विशाल प्रतिमा को इकोपार्क स्थित पूजा पंडाल में विधिवत स्थापित किया गया। इस दौरान संस्थान के हजारों छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया।

गणपति उत्सव का शुभारंभ संस्थापक अध्यक्ष सुधीर गिरि, प्रतिकुलाधिपति डाॅ. राजीव त्यागी, डाॅ. मधु चतुर्वेदी और विम्स कल्चरल कमेटी की चेयरपर्सन डाॅ. सुप्रीति भटनागर समेत अन्य अतिथियों ने किया। पंडित आचार्य रामनिवास शास्त्री के सानिध्य में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर गणपति की प्रतिमा स्थापित की गई।



नासिक के गणपति बैंड से लेकर भजन संध्या तक होंगे कार्यक्रम

12 दिवसीय उत्सव में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों की लंबी श्रृंखला आयोजित की जाएगी। नासिक से आए प्रसिद्ध गणपति बैंड की प्रस्तुति के साथ राजस्थान घराने के क्लासिकल सिंगर डाॅ. पं. शिवदर्शन दुबे की भजन संध्या आकर्षण का केंद्र रहेगी। इसके अलावा पद्मश्री सुरेंद्र शर्मा गणपति पर आध्यात्मिक विश्लेषण प्रस्तुत करेंगे। विख्यात ओज कवि डाॅ. राहुल अवस्थी और डाॅ. चेतन आनंद भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे। उत्सव में एक दर्जन से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

‘देवा श्री गणेश’ पर झूमे छात्र-छात्राएं

उद्घाटन के बाद आयोजित सांस्कृतिक संध्या में छात्र-छात्राओं ने गणपति भजनों और गीतों पर शानदार प्रस्तुतियां दीं। ‘देवा श्री गणेश देवा’, ‘घर में पधारो गजानन जी’, ‘मोरिया रे मोरिया’ और ‘देवा ओ देवा, गली-गली में तेरे नाम का है शोर’ जैसे गीतों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। छात्र-छात्राओं की प्रस्तुतियों ने गणपति उत्सव के पहले दिन को यादगार बना दिया।

गणपति आराधना से सकारात्मक ऊर्जा का संचार

संस्थापक अध्यक्ष सुधीर गिरि ने कहा कि विघ्नहर्ता गणपति की पूजा-अर्चना से जीवन में दुख, अशांति और नकारात्मकता का विनाश होता है तथा सुख, समृद्धि, आरोग्य और शांति का आगमन होता है। वहीं प्रतिकुलाधिपति डाॅ. राजीव त्यागी ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में भगवान गणेश की आराधना का विशेष महत्व है। सिद्धिविनायक की पूजा से शिक्षक और विद्यार्थियों को जीवन के हर क्षेत्र में सफलता की प्रेरणा मिलती है।

ये रहे मौजूद

इस अवसर पर कुलपति प्रो. कृष्णकांत दवे, वित्त निदेशक युवराज सिंह, प्रतिकुलपति डाॅ. मानस रंजन, कुलसचिव डाॅ. पीयूष कुमार पाण्डेय, डीन एमएच प्रभु, एमएसएस डाॅ. शिरिश पाटिल, डाॅ. रोहन सुरैना, डाॅ. प्रणव ठाकरे, मिहिर धावेल, संकल्प जैन, एसएस बघेल, मुख्य आयोजक डाॅ. अनिकेत पंत, डाॅ. वेदांत घाघरे, डाॅ. अभिषेक कटियार, डाॅ. आईना माथुर, मेरठ परिसर से डाॅ. पंकज सिंह और मीडिया प्रभारी विश्वास राणा समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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