अजीत डोभाल ने युवाओं की जिम्मादारियों पर दिया जोर
आईआईटी रुड़की दीक्षांत समारोह में बताया सबसे भाग्यशाली पीढ़ीरुड़की (एजेंसी)।उत्तराखंड स्थित आईआईटी रुड़की के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल और वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने डिग्री पाने वाले छात्रों को संबोधित किया। इस दौरान अजीत डोभाल ने छात्रों को पिछले एक हजार साल की सबसे भाग्यशाली पीढ़ी बताया। वहीं हरीश साल्वे ने बदलती विश्व व्यवस्था के बीच छात्रों को उनकी जिम्मेदारियों का अहसास कराया।
एनएसए अजीत डोभाल ने छात्रों से कहा कि शायद आपको इस बात का एहसास नहीं है कि आप पिछले 1,000 वर्षों की सबसे भाग्यशाली पीढ़ी हैं, जिसके पास अवसरों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि उनसे पहले की पीढ़ियां गुलामी के दौर में संघर्ष कर रही थीं और उनके सामने ऐसे रास्ते नहीं खुले थे। आज न सिर्फ देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी परिस्थितियां पहले से काफी बेहतर हुई हैं। उन्होंने कहा कि छात्र ऐसे दौर में आ रहे हैं, जहां किसी भी देश या समाज की तरक्की के लिए तकनीक सबसे महत्वपूर्ण आधार बनने जा रही है।
डोभाल ने कहा कि छात्र देश के सबसे प्रतिष्ठित और पुराने संस्थानों में से एक से पास हो रहे हैं, जिसने देश के विकास में बहुत बड़ा योगदान दिया है। उन्होंने छात्रों के माता-पिता को बधाई दी, जिन्होंने बच्चों को प्रेरित किया और उन्हें इस उपलब्धि तक पहुंचाया। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षकों और प्रोफेसरों का भी आभार जताया, जिन्होंने ऐसा माहौल तैयार कर ज्ञान दिया जिससे छात्र खुद के साथ-साथ समाज, राष्ट्र और मानवता की भलाई में अपना योगदान दे सकें।
कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने कहा कि यह ऐसी पहली पीढ़ी है, जो एक ऐसी दुनिया में जा रही है जो खुद को नए सिरे से बदलने की जद्दोजहद में लगी है। उन्होंने कहा कि उनकी पीढ़ी जिस पुरानी विश्व व्यवस्था को देखती आई थी, आज उसका रूप पूरी तरह बदल चुका है। जिस नियम-आधारित व्यवस्था को कभी स्वाभाविक मान लिया गया था, वह अब पहले जैसी सुरक्षित नहीं रही। यह व्यवस्था कभी बहाल होगी या नहीं, इसका फैसला वक्त करेगा


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