45,719 करोड़ की सहारा सोसायटी मामले का आरोपी चेयरमैन लखनऊ से गिरफ्तार
2020 से फरार खालिद चौधरी को ग्वालियर पुलिस ने दबोचा, 20 से ज्यादा धोखाधड़ी के केस दर्ज; ग्वालियर में ही करीब 14 मामले
ग्वालियर। 45,719 करोड़ रुपये की सहारा से जुड़ी सहकारी सोसायटी के मामले में चार साल से फरार चल रहे साहर्यन यूनिवर्सल मल्टीपर्पस कोऑपरेटिव सोसायटी, भोपाल के चेयरमैन खालिद चौधरी को ग्वालियर पुलिस की स्पेशल टीम ने लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे 29 सितंबर की शाम सहारा टावर के पास उस समय पकड़ा, जब वह कार से जा रहा था। आरोपी के खिलाफ देशभर में धोखाधड़ी और अमानत में खयानत के 20 से ज्यादा मामले दर्ज बताए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, खालिद चौधरी वर्ष 2020 से फरार चल रहा था। उसके खिलाफ कोर्ट और उपभोक्ता आयोग की ओर से कई बार जमानती और गैर-जमानती वारंट जारी किए गए थे। इसके बावजूद वह पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया था। ग्वालियर में उसके खिलाफ करीब 14 मामले दर्ज हैं।
वारंट की तामीली के लिए बनाई गई थी स्पेशल टीम
उपभोक्ता आयोग ग्वालियर से जारी वारंटों की तामीली के लिए एसपी के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई थी। सीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार के मार्गदर्शन में टीम ने सहारा समूह से जुड़े अधिकारियों के संभावित ठिकानों की तलाश शुरू की।
इसी दौरान पुलिस को खालिद चौधरी के लखनऊ में होने की जानकारी मिली। एएसआई राघवेंद्र पुरोहित और टीम ने वहां घेराबंदी की। 29 सितंबर की शाम करीब 6:30 बजे सहारा टावर के पास कार से जाते समय पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
15 लाख की धोखाधड़ी का मामला भी दर्ज
ग्वालियर पुलिस के अनुसार, खालिद चौधरी के खिलाफ दर्ज मामलों में मुरैना निवासी रितेश जैन से 15 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला भी शामिल है। पुलिस इसी मामले से जुड़े वारंट की तामीली के लिए आरोपी की तलाश कर रही थी।
30 सितंबर को पुलिस खालिद चौधरी को ग्वालियर लेकर पहुंची और उसे उपभोक्ता आयोग में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान रितेश जैन और खालिद चौधरी के बीच सहमति बनी। इसके बाद आरोपी ने आयोग में डेढ़ लाख रुपये जमा किए और शेष रकम एक महीने में देने की बात कही। सुनवाई के बाद आयोग ने उसे जमानत दे दी।
2014 से 2022 के बीच रकम जमा कराने का आरोप
पुलिस के अनुसार, साहर्यन यूनिवर्सल मल्टीपर्पस कोऑपरेटिव सोसायटी सहारा इंडिया समूह से जुड़ी प्रमुख सोसायटियों में शामिल है। आरोप है कि वर्ष 2014 से 2022 के बीच आकर्षक ब्याज और बेहतर रिटर्न का भरोसा देकर देशभर के निवेशकों से करीब 45,719 करोड़ रुपये जमा कराए गए।
ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों से भी करीब 500 करोड़ रुपये निवेश कराए जाने का दावा किया गया है। निवेश की अवधि पूरी होने के बाद भुगतान नहीं होने पर बड़ी संख्या में निवेशकों ने शिकायतें दर्ज कराईं।
अन्य आरोपियों और लेनदेन की भी होगी जांच
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता सत्या शर्मा ने कहा कि खालिद चौधरी के खिलाफ 20 से अधिक मामले दर्ज हैं और उसकी गिरफ्तारी लंबे समय से लंबित थी। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य लोगों, निवेश से संबंधित लेनदेन और आरोपियों की संपत्तियों की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और वित्तीय लेनदेन की जानकारी मिलने की उम्मीद है। गिरफ्तारी के बाद निवेशकों से जुड़े पुराने मामलों की जांच को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।

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