SEBI के कदमों का असर: F&O में रिटेल निवेशकों का नुकसान 18% घटा, 91,685 करोड़ रुपये पर आया

नई दिल्ली। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) की ओर से इक्विटी डेरिवेटिव्स यानी फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) में रिटेल निवेशकों के जोखिम को कम करने के लिए उठाए गए कदमों का असर दिखाई देने लगा है। वित्त वर्ष 2025-26 में रिटेल निवेशकों का F&O में कुल नुकसान 18 प्रतिशत घटकर 91,685 करोड़ रुपये रह गया। सरकार ने मंगलवार को संसद में यह जानकारी दी।

राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में F&O में रिटेल निवेशकों को कुल 1,11,788 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। इसके मुकाबले वित्त वर्ष 2025-26 में नुकसान घटकर 91,685 करोड़ रुपये रह गया।

F&O में निवेशकों की संख्या भी घटी

मंत्री के मुताबिक, SEBI के नियामकीय बदलावों के बाद इक्विटी डेरिवेटिव्स में कारोबार करने वाले यूनिक रिटेल निवेशकों की संख्या में भी कमी आई है। वित्त वर्ष 2024-25 में ऐसे निवेशकों की संख्या 98.1 लाख थी, जो करीब 20 प्रतिशत घटकर वित्त वर्ष 2025-26 में 78.6 लाख रह गई।

हालांकि, कुल नुकसान कम होने के बावजूद प्रति निवेशक औसत नुकसान बढ़ गया। वित्त वर्ष 2024-25 में यह औसत नुकसान 1,13,913 रुपये था, जो अगले वित्त वर्ष में बढ़कर 1,16,654 रुपये हो गया।

F&O का टर्नओवर भी हुआ कम

सरकार के आंकड़ों के अनुसार, इक्विटी डेरिवेटिव्स में कुल टर्नओवर में भी गिरावट आई है। वित्त वर्ष 2024-25 में यह करीब 213 लाख करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में घटकर 202 लाख करोड़ रुपये रह गया।

SEBI ने किए कई अहम बदलाव

रिटेल निवेशकों के जोखिम को नियंत्रित करने के लिए SEBI ने F&O सेगमेंट में कई नियामकीय बदलाव किए। इनमें साप्ताहिक और मासिक इंडेक्स डेरिवेटिव्स प्रोडक्ट्स में बदलाव, इंडेक्स डेरिवेटिव्स के कॉन्ट्रैक्ट साइज को बढ़ाना, ऑप्शन एक्सपायरी के दिन टेल-रिस्क कवरेज बढ़ाना और खरीदारों से ऑप्शन प्रीमियम की अग्रिम वसूली जैसे कदम शामिल हैं।

इसके अलावा एक्सपायरी के दिन कैलेंडर स्प्रेड ट्रीटमेंट को हटाने और पोजीशन लिमिट की इंट्राडे मॉनिटरिंग जैसे उपाय भी लागू किए गए। मई 2025 में एक्सचेंजों पर एक्सपायरी के दिनों को सुव्यवस्थित करने के साथ F&O सेगमेंट में रिस्क मॉनिटरिंग और डिस्क्लोजर को और मजबूत किया गया।

F&O से STT कलेक्शन चार गुना से ज्यादा बढ़ा

दिलचस्प बात यह है कि F&O ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) से सरकार की कमाई में बड़ा इजाफा हुआ। वित्त राज्य मंत्री के अनुसार, F&O ट्रेड्स से STT कलेक्शन वित्त वर्ष 2024-25 के 7,893 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 27,695 करोड़ रुपये हो गया।

इस तरह SEBI के सख्त नियमों के बाद जहां F&O में रिटेल निवेशकों की भागीदारी और कुल नुकसान में कमी आई है, वहीं प्रति निवेशक औसत नुकसान अब भी चिंता का विषय बना हुआ है।

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