गन्ने की ढुलाई पर अब रहेगी पल-पल नजर, GPS से ट्रैक होंगे वाहन

क्रय केंद्र से चीनी मिल तक 24 घंटे में पहुंचेगा गन्ना, कंट्रोल रूम से होगी रियल-टाइम निगरानी; किसानों को वजन में कमी से मिलेगी राहत

मेरठ। गन्ना किसानों के हित में प्रदेश सरकार गन्ना ढुलाई व्यवस्था को डिजिटल और अधिक पारदर्शी बनाने की तैयारी कर रही है। गन्ना विकास विभाग क्रय केंद्रों से चीनी मिल गेट तक गन्ना ले जाने वाले वाहनों की रियल-टाइम जीपीएस ट्रैकिंग के लिए व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (वीटीएस) लागू करने पर विचार कर रहा है। इसके लिए एक समर्पित केंद्रीय कंट्रोल रूम स्थापित करने की योजना है। यहां से गन्ने से लदे वाहनों की आवाजाही पर लगातार नजर रखी जाएगी।

उपगन्ना आयुक्त यशपाल सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और अपर मुख्य सचिव, चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास के निर्देशों के क्रम में इस व्यवस्था को लागू करने की तैयारी की जा रही है। गन्ना एवं चीनी आयुक्त के अनुसार इसका उद्देश्य गन्ना आपूर्ति श्रृंखला को आधुनिक, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है।

क्रय केंद्र से मिल गेट तक हर वाहन की निगरानी

प्रस्तावित व्यवस्था में गन्ना क्रय केंद्रों से चीनी मिल तक जाने वाले प्रत्येक वाहन की लोकेशन जीपीएस के माध्यम से ट्रैक की जाएगी। केंद्रीय कंट्रोल रूम से अधिकारी वाहनों की आवाजाही पर नजर रखेंगे। इससे रास्ते में अनावश्यक रुकावट, अनधिकृत ठहराव अथवा ढुलाई में किसी तरह की हेराफेरी होने पर तत्काल निगरानी और कार्रवाई संभव होगी।

कटाई के 24 घंटे के भीतर मिल तक पहुंचाने का लक्ष्य

इस व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ किसानों को मिलने की उम्मीद है। विभाग का लक्ष्य है कि खेत से गन्ने की कटाई के बाद 24 घंटे के भीतर उसे चीनी मिल तक पहुंचाया जाए। परिवहन में देरी होने पर गन्ना धूप और हवा के संपर्क में रहकर सूखने लगता है। इससे उसके प्राकृतिक वजन में कमी आती है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

समयबद्ध ढुलाई से गन्ने की ताजगी और वजन बनाए रखने में मदद मिलेगी। इससे किसानों को वजन में होने वाली संभावित कमी से राहत मिलने के साथ गन्ना आपूर्ति व्यवस्था भी अधिक प्रभावी हो सकेगी।

डिजिटल निगरानी से बढ़ेगी पारदर्शिता

व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम लागू होने के बाद अधिकारियों के पास प्रत्येक वाहन की वास्तविक स्थिति की जानकारी उपलब्ध रहेगी। यह भी पता चल सकेगा कि वाहन ने क्रय केंद्र से मिल तक पहुंचने में कितना समय लिया।

रियल-टाइम निगरानी से गन्ना आपूर्ति श्रृंखला को डिजिटल तकनीक से जोड़ने के साथ ढुलाई में होने वाली अनियमितताओं पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। सरकार की यह पहल गन्ना किसानों के हितों की सुरक्षा, समयबद्ध आपूर्ति और चीनी उद्योग के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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