तिरपाल से पक्के मकानों तक पहुंचेगा घुमंतू समाज : असीम अरुण

विमुक्ति जाति दिवस पर सीसीएसयू में राज्य स्तरीय समारोह; घुमंतू विकास मिशन से जाति-आय प्रमाण पत्र, आधार और वोटर कार्ड समेत मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने का ऐलान

मेरठ। अंग्रेजों के काले कानून से जिन घुमंतू समुदायों की पहचान पर कलंक लगा, अब उन्हें सम्मान और अधिकार दिलाने की दिशा में प्रदेश सरकार कदम बढ़ा रही है। दशकों से तिरपाल के नीचे जीवन गुजार रहे घुमंतू समाज के पात्र परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही खेती के लिए पात्र परिवारों को पट्टे पर जमीन देने की दिशा में भी जल्द पहल होगी। यह बात मेरठ के प्रभारी मंत्री एवं राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने सोमवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में आयोजित प्रदेश स्तरीय विमुक्ति जाति दिवस समारोह में कही।

समारोह में घुमंतू समाज के विकास के लिए घुमंतू विकास मिशन शुरू करने की घोषणा की गई। इसके माध्यम से समाज के लोगों को जाति एवं आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, वोटर कार्ड सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने का काम किया जाएगा। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले घुमंतू समाज के करीब 20 मेधावियों को सम्मानित किया गया। प्रभारी मंत्री समेत जनप्रतिनिधियों ने प्रदर्शनी का उद्घाटन कर विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया।

लोककला और संस्कृति को बचाए रखा : असीम अरुण

असीम अरुण ने कहा कि घुमंतू समाज ने पीढ़ियों से देश की लोककला, हस्तशिल्प, परंपराओं और संस्कृति को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके बावजूद इतिहास में उन्हें वह स्थान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे। अब उनके गौरवशाली इतिहास और योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार घुमंतू समाज के लोगों को पहचान से जुड़े जरूरी दस्तावेज उपलब्ध करा रही है। पात्र परिवारों को खेती के लिए पट्टे की जमीन और पक्के मकान उपलब्ध कराने की दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे।

असीम अरुण ने मुगलकालीन अत्याचारों, गुरिल्ला युद्ध और ब्रिटिश शासन के क्रिमिनल ट्राइबल एक्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि घुमंतू समाज के इतिहास को सामने लाना जरूरी है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पीडीए की बात करने वाले अखिलेश यादव और राहुल गांधी को शायद यह भी पता नहीं होगा कि आज विमुक्त जाति दिवस है।

31 अगस्त को हर साल मनाया जाएगा विमुक्ति जाति दिवस

पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने कहा कि अब प्रत्येक वर्ष 31 अगस्त को विमुक्ति जाति दिवस मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 31 अगस्त 1952 को वह कानून समाप्त हुआ था, जिसके तहत अंग्रेजी शासन ने घुमंतू समाज को अपराधी मानने की व्यवस्था की थी।

उन्होंने कहा कि विमुक्त जातियों का इतिहास, हस्तशिल्प और लोककला देश की महत्वपूर्ण विरासत है। डबल इंजन सरकार विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू जातियों के सर्वांगीण उत्थान, सम्मान और सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

घुमंतू विकास बोर्ड से मिलेगी नई गति

कार्यक्रम में पूर्व आईएएस योगेंद्र नारायण के घुमंतू समाज के उत्थान के लिए किए गए कार्यों पर आधारित चलचित्र भी प्रदर्शित किया गया। योगेंद्र नारायण ने कहा कि घुमंतू विकास बोर्ड के माध्यम से समाज के विकास को नई गति मिलेगी।

समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव कुमार गोंड ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार विमुक्त जातियों को सम्मान और अधिकार दिलाने की दिशा में गंभीर पहल की है। पिछड़ी जातियों की तर्ज पर घुमंतू और विमुक्त जातियों के विकास के लिए घुमंतू विकास बोर्ड का गठन इसका महत्वपूर्ण उदाहरण है।

जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी ने कहा कि देश के इतिहास और आजादी की लड़ाई में घुमंतू समाज का योगदान अविस्मरणीय है। मुख्यमंत्री ने इस योगदान को पहचान और सम्मान दिलाने का काम किया है।

समाज ने रखीं कई मांगें

घुमंतू समाज के सुभाष जोगी ने मंच से समाज की विभिन्न मांगें उठाईं। उन्होंने सभी लोगों के जाति प्रमाण पत्र बनवाने, क्षेत्र में 20 बारात घर बनवाने, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घुमंतू समाज के लिए सभा कराने, मेरठ में गुरु गोरखनाथ चौक बनवाने और सरकार में घुमंतू समाज को प्रतिनिधित्व देने की मांग की।

नेम सिंह ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि पहली बार किसी सरकार ने घुमंतू समाज की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान दिया है। शामली के बावरिया समाज के नेता दीपक वढेरा ने बावरी समाज के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला।

बिरसा मुंडा के नाम पर पार्क बनाने की घोषणा

महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने कहा कि पिछली सरकारों में घुमंतू जातियों के गौरवशाली इतिहास को सामने नहीं आने दिया गया। योगी सरकार ने इस इतिहास को समाज के सामने लाने का काम किया है। उन्होंने घोषणा की कि नगर निगम महान क्रांतिकारी बिरसा मुंडा के नाम पर पार्क का निर्माण कराएगा। साथ ही द्वापरकालीन शिष्य एकलव्य और क्रांतिकारी रामजस जी की प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव भी पारित किया जाएगा।

मेधावियों और कलाकारों का हुआ सम्मान

कार्यक्रम के अंत में विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धि हासिल करने वाले घुमंतू समाज के युवा मेधावियों को सम्मानित किया गया। क्रिकेटर द्रुवेश कुमार, वेटलिफ्टर वैशाली जोगी, रेसलर गौरव, एडवोकेट शुभम जोगी, छात्राएं वंशिका, अनुष्का और अवनी तथा वुशु खिलाड़ी मोहित नाग वाशी समेत करीब 20 मेधावियों को प्रभारी मंत्री असीम अरुण ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

इस दौरान घुमंतू समाज के कलाकारों ने कालबेलिया नृत्य, बीन संगीत समेत विभिन्न लोककलाओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में विधायक गुलाम मोहम्मद, एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज, एमएलसी अश्वनी त्यागी, मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और समाज के गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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