हल्द्वानी विवाद पर मेरठ कांग्रेस का हल्लाबोल, राहुल गांधी पर FIR रद्द करने की मांग

कांग्रेस ने शुद्धिकरण अनुष्ठान करने वालों पर कार्रवाई की मांग की, मांग पूरी न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी

मेरठ। उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित शुद्धिकरण अनुष्ठान और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर के विरोध में मेरठ जिला कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर तत्काल रद्द करने और कथित शुद्धिकरण अनुष्ठान करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।

एफआईआर को बताया राजनीतिक प्रतिशोध

जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता सय्यद आमिर रजा ने आरोप लगाया कि हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद भाजपा और आरएसएस कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर शुद्धिकरण अनुष्ठान किया गया। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय और समानता के संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ बताया।

उन्होंने कहा कि घटना के बाद राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कथित रूप से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। कांग्रेस का आरोप है कि इसके बजाय उत्तराखंड पुलिस ने राहुल गांधी के खिलाफ ही हल्द्वानी सिटी कोतवाली में एफआईआर दर्ज कर दी।

कांग्रेस नेताओं ने एफआईआर को सरकारी मशीनरी के कथित दुरुपयोग और राजनीतिक प्रतिशोध का मामला बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।

एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग

वरिष्ठ कांग्रेस नेता वसी अहमद रिजवी ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को तत्काल निरस्त करने की मांग की। उन्होंने हल्द्वानी में कथित शुद्धिकरण अनुष्ठान करने वाले लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी सामाजिक न्याय और समानता के मुद्दे पर अपनी आवाज उठाती रहेगी। साथ ही उत्तराखंड सरकार से कथित राजनीतिक उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग की गई।

मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे। नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति की आवाज को दबाने के बजाय सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने राज्यपाल से पूरे प्रकरण का संज्ञान लेकर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित कराने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान नसीम सैफी, हेमंत प्रधान, मासूम असगर, अरुण कौशिक, हाजी शबनूर, एसके शाहरुख, अंसार अहमद, तरुण मलिक, उवैस अंसारी, शक्ति सिंह, आदेश शर्मा, एडवोकेट जमीन, एडवोकेट प्रशांत शर्मा, एडवोकेट अजय प्रताप, इलियास राईन, जुनैद अंसारी, अयान अंसारी, राकेश शर्मा, अभिमन्यु त्यागी, मोनिंदर सूद वाल्मीकि, सोनू गौतम, केडी शर्मा और ताहिर अंसारी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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